Chaturbhuj ke Prakar | चतुर्भुज के प्रकार ,उनके गुण एवं सूत्रों का अध्धयन | PDF Download |

चतुर्भुज के प्रकार ,उनके गुण एवं सूत्रों का अध्धयन

✻ वर्ग,आयत,समांतर चतुर्भुज,समचतुर्भुज,समलंब चतुर्भुज,पतंग की भुजा, कोण , विकर्ण,विकर्ण व भुजा में संबंध,क्षेत्रफल,परिमाप,सम्मुख कोण,आसन्न कोण का अध्धयन :-

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✻ वर्ग :-

 वर्ग

वर्ग की भुजा :- वर्ग की सभी भुजाएं बराबर होती है
वर्ग का कोण :- वर्ग का प्रत्येक कोण 90 डिग्री का होता है
वर्ग का विकर्ण :- 1. वर्ग के दोनों विकर्ण लंबाई में बराबर होते हैं
AC = BD
2. वर्ग के दोनों विकर्ण वर्ग को चार समान भागो या क्षेत्रफलो में विभक्त करते हैं
3. वर्ग के विकर्ण परस्पर समकोण पर एक दूसरे को लम्ब समद्विभाजित करते हैं
OA = OC = OB = OD

विकर्ण व भुजा में संबंध :- प्रथम विकर्ण = दूसरा विकर्ण =भुजा x √2

वर्ग का क्षेत्रफल = भुजा x भुजा =
1 / 2
विकर्ण 2

वर्ग का परिमाप = 4 x भुजा
वर्ग का सम्मुख कोण :- वर्ग के सम्मुख कोण बराबर होते हैं
वर्ग का आसन्न कोण :- वर्ग के दो आसन्न कोणों का योग 180 डिग्री होता है


✻ आयत :-

आयत

आयत की भुजा = आयत की आमने-सामने की भुजाएं बराबर होती है
आयत का कोण = आयत के प्रत्येक कोण 90 डिग्री का होता है
आयत का विकर्ण = आयत के दोनों विकर्ण लम्बाई में बराबर होते हैं ( AC = BD )
आयत के विकर्ण परस्पर एक दूसरे को समद्विभाजित करते हैं अर्थात मध्य बिंदु पर काटते हैं परंतु परस्पर लम्ब समद्विभाजित नहीं करते है।
आयत के दोनों विकर्ण आयत को 4 समान भागों या क्षेत्रफलो में विभक्त करते हैं

विकर्ण व भुजा में संबंध :- प्रथम विकर्ण = दूसरा विकर्ण =
प्रथम भुजा2 + द्वितीय भुजा2

आयत का क्षेत्रफल = लंबाई x चौड़ाई
आयत का परिमाप = 2 x( लंबाई + चौड़ाई )
आयत का सम्मुख कोण = आयत के सम्मुख कोण बराबर होते हैं
आयत का आसन्न कोण = आयत में दो आसन्न कोणों का योग 180 डिग्री होता है


✻ समांतर चतुर्भुज | samantar chaturbhuj | :-

समांतर चतुर्भुज

समांतर चतुर्भुज की भुजा = समांतर चतुर्भुज की आमने-सामने की भुजाएं बराबर व समांतर होती है ।
समांतर चतुर्भुज का कोण = समांतर चतुर्भुज के किसी भी कोण का मान निश्चित नहीं होता है
समांतर चतुर्भुज का विकर्ण = समांतर चतुर्भुज के विकर्ण अलग-अलग लंबाई के होते हैं
समांतर चतुर्भुज के विकर्ण परस्पर एक-दूसरे को मध्य बिंदु पर समद्विभाजित करते हैं परंतु परस्पर लम्ब समद्विभाजित नहीं करते है।
OA = OC , OB = OD
समांतर चतुर्भुज के दोनों विकर्ण समांतर चतुर्भुज को चार समान भागों या क्षेत्रफलो में विभक्त करते हैं
विकर्ण व भुजा में संबंध :- (प्रथम विकर्ण) 2 +( द्वितीय विकर्ण )2 = 2 x { प्रथम भुजा2 + द्वितीय भुजा2 }
समांतर चतुर्भुज का क्षेत्रफल = आधार x ऊंचाई
समांतर चतुर्भुज का परिमाप = समांतर चतुर्भुज की चारों भुजाओं का योग = 2 x आसन भुजाओं का योग = 2 x ( लंबाई + चौड़ाई )
समांतर चतुर्भुज का सम्मुख कोण :- समांतर चतुर्भुज के सम्मुख कोण बराबर होते हैं ।
समांतर चतुर्भुज का आसन्न कोण = समांतर चतुर्भुज में दो आसन्न कोणों का योग 180 डिग्री होता है


✻ समचतुर्भुज :-

 समचतुर्भुज

समचतुर्भुज की भुजा = समचतुर्भुज की सभी भुजाएं बराबर होती है ।
समचतुर्भुज का कोण = समचतुर्भुज के किसी भी कोण का मान निश्चित नहीं होता है ।
समचतुर्भुज का विकर्ण = समचतुर्भुज के विकर्ण परस्पर समकोण पर एक दूसरे को समद्विभाजित करते हैं ।
OA = OC , OB = OD
समचतुर्भुज के दोनों विकर्ण समचतुर्भुज को चार समान क्षेत्रफल में विभक्त करते हैं ।
विकर्ण और भुजा में संबंध :- (प्रथम विकर्ण)2+ (दूसरा विकर्ण)2 = 4 x भुजा 2

समचतुर्भुज का क्षेत्रफल =
1 / 2
x प्रथम विकर्ण x दूसरा विकर्ण

या area = भुजा2 Sin θ
या आधार x ऊंचाई

या
( भुजा )2 - विकर्ण2 / 2

समचतुर्भुज का परिमाप = 4 x भुजा


✻ समलंब चतुर्भुज | samlamb chaturbhuj | :-

समलंब चतुर्भुज

समलंब चतुर्भुज की भुजा = समलंब चतुर्भुज के सम्मुख भुजाओं का एक युग समांतर होता है तथा चारों भुजाएं असमान होती है
समलंब चतुर्भुज का कोण = समलंब चतुर्भुज के किसी भी कोण का मान निश्चित नहीं होता है
समलंब चतुर्भुज का विकर्ण = ना ही समलंब चतुर्भुज के विकर्ण एक दूसरे को समद्विभाजित करते है तथा ना ही समकोण पर प्रतिच्छेद करते हैं ।
समलंब चतुर्भुज के विकर्ण एक दूसरे को समानुपातिक खंडों में विभक्त करते हैं
विकर्ण व भुजा में संबंध :-
AC2 + BD2 = AD2 + BC2 + 2 (DC)(AB)

समलंब चतुर्भुज का क्षेत्रफल =
1 / 2
x समांतर भुजाओं का योग x ऊंचाई

समलंब चतुर्भुज का परिमाप = चारों भुजाओं का योग


✻ पतंग :-

पतंग

पतंग की भुजा = पतंग की 2 आसन्न भुजाएं आपस में बराबर होती है
पतंग का कोण = पतंग के किसी भी कोण का मान निश्चित नहीं होता है
पतंग का विकर्ण = पतंग का एक विकर्ण , दूसरे विकर्ण को समकोण पर लम्ब समद्विभाजित करता है
OB = OD , OA ≠ OC

पतंग का क्षेत्रफल =
1 / 2
x विकर्णो का गुणनफल

पतंग का परिमाप = चारों भुजाओं का योग

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aayat kise kahate hain | आयत किसे कहते है | aayat ki paribhasha

aayat kise kahate hain :- ऐसा चतुर्भुज जिसकी आमने-सामने की भुजाएं बराबर होती है तथा प्रत्येक कोण 90 डिग्री का होता है इस प्रकार का चतुर्भुज आयत कहलाता है

aayat ka sutra | आयत का सूत्र |

आयत का विकर्ण = आयत के दोनों विकर्ण लम्बाई में बराबर होते हैं ( AC = BD )
आयत के विकर्ण परस्पर एक दूसरे को समद्विभाजित करते हैं अर्थात मध्य बिंदु पर काटते हैं परंतु परस्पर लम्ब समद्विभाजित नहीं करते है।
आयत के दोनों विकर्ण आयत को 4 समान भागों या क्षेत्रफलो में विभक्त करते हैं

विकर्ण व भुजा में संबंध :- प्रथम विकर्ण = दूसरा विकर्ण =
प्रथम भुजा2 + द्वितीय भुजा2

आयत का क्षेत्रफल = लंबाई x चौड़ाई
आयत का परिमाप = 2 x( लंबाई + चौड़ाई )
आयत का सम्मुख कोण = आयत के सम्मुख कोण बराबर होते हैं
आयत का आसन्न कोण = आयत में दो आसन्न कोणों का योग 180 डिग्री होता है

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Varg kise kahate hain :- ऐसा चतुर्भुज जिसकी सभी भुजाएं बराबर होती है तथा प्रत्येक कोण 90 डिग्री का होता है इस प्रकार का चतुर्भुज वर्ग कहलाता है

chaturbhuj ke prakar | चतुर्भुज के प्रकार | chaturbhuj ka kshetrafal

सामान्यत: सभी chaturbhuj ke prakar का अध्धयन हमारे द्वारा ऊपर बताया गया है जो सभी परीक्षाओ के लिए बहुत महत्वपूर्ण है तथा इस chaturbhuj ke prakar की pdf को download करने के लिए नीचे दिये गये लिंक पर क्लिक करके pdf download कर सकते हो |

samlamb chaturbhuj ka kshetrafal | समलंब चतुर्भुज का क्षेत्रफल सूत्र |

समलंब चतुर्भुज का क्षेत्रफल =
1 / 2
x समांतर भुजाओं का योग x ऊंचाई

samantar chaturbhuj ka kshetrafal

समांतर चतुर्भुज का क्षेत्रफल = आधार x ऊंचाई

sam chaturbhuj ka parimap

समचतुर्भुज का परिमाप = 4 x भुजा

वर्ग का क्षेत्रफल सूत्र / varg ka kshetrafal

वर्ग का क्षेत्रफल = भुजा x भुजा =
1 / 2
विकर्ण 2

वर्ग का परिमाप का सूत्र = 4 x भुजा
वर्ग का सम्मुख कोण का सूत्र :- वर्ग के सम्मुख कोण बराबर होते हैं
वर्ग का आसन्न कोण का सूत्र :- वर्ग के दो आसन्न कोणों का योग 180 डिग्री होता है

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