मुहावरे का अर्थ एवं वाक्य में प्रयोग

 मुहावरे का अर्थ एवं  वाक्य में  प्रयोग

( muhvare ka arth evm vakay me prayog ) ✹ मुहावरे का अर्थ एवं वाक्य में प्रयोग का अध्धयन :-

मुहावरे :-

जिन वाक्यांशों का सामान्य या शाब्दिक अर्थ न होकर विशिष्ट अर्थ होता है , वे मुहावरे कहलाते हैं । मुहावरे वाक्यांश होते हैं इसलिए इनका प्रयोग स्वतंत्र रूप से नहीं होता । इनका प्रयोग वाक्य के अंतर्गत ही किया जाता है ।

हिंदी में प्रचलित प्रमुख मुहावरे , उनके अर्थ तथा वाक्य - प्रयोग :-

मुहावरे अर्थ वाक्य में प्रयोग
गला काटना किसी की ठगना कल अध्यापक ने बताया कि किसी का गला काटना बुरी बात हैं
घर घाट एक करना कठिन परिश्रम करना नौकरी के लिए संजय ने घर घाट एक कर दिया
घर फूँककर तमाशा देखना अपना घर स्वयं उजाड़ना या अपना नुकसान खुद करना जुए में सब कुछ बर्बाद करके राजू अब घर फूँक के तमाशा देख रहा है
घर में आग लगाना परिवार में झगड़ा कराना वह तो सबके घर में आग लगाता फिरता हैं इसलिए उसे कोई अपने पास नहीं बैठने देता
घर में भुंजी भाँग न होना बहुत गरीब होना रामू के घर में भुंजी भाँग नहीं हैं और बातें करता है नवाबों की
घाव पर मरहम लगाना सांत्वना या तसल्ली देना दादी पहले तो मारती है, फिर घाव पर मरहम लगाती है
घाव हरा होना भूला हुआ दुःख पुनः याद आना राजा ने अपने मित्र के मरने की खबर सुनी तो उसके अपने घाव हरे हो गए
घास खोदना तुच्छ काम करना अच्छी नौकरी छोड़ के राजू अब घास खोद रहा है
घास न डालना सहायता न करना या बात तक न करना मैनेजर बनने के बाद राजू अब मुझे घास नहीं डालता
जख्म पर नमक छिड़कना दुःखी या परेशान को और परेशान करना जब सोहन भिखारी को बुरा-भला कहने लगा तो मैंने कहा कि हमें किसी के जख्म पर नमक नहीं छिड़कना चाहिए
जख्म हरा हो जाना पुराने दुःख या कष्ट भरे दिन याद आना जब भी मैं गंगा स्नान के लिए जाता हूँ तो मेरा जख्म हरा हो जाता है, क्योंकि गंगा नदी में मेरा मित्र डूबकर मर गया था
जबान चलाना अनुचित शब्द कहना सीमा बहुत जबान चलाती है, उससे कौन बात करेगा?
जबान देना वायदा करना अध्यापक ने विद्यार्थियों से कहा कि अच्छा आदमी वही होता है जो जबान देकर निभाता है
जबान बन्द करना तर्क-वितर्क में पराजित करना रामधारी वकील ने अदालत में विपक्षी पार्टी के वकील की जबान बन्द कर दी
जबान में ताला लगाना चुप रहने पर विवश करना सरकार जब भी चाहे पत्रकारों की जबान में ताला लगा सकती है
जबानी जमा-खर्च करना मौखिक कार्यवाही करना मित्र, अब जबानी जमा-खर्च करने से कुछ नहीं होगा कुछ ठोस कार्यवाही करो
जमाना देखना बहुत अनुभव होना दादाजी बात-बात पर यही कहते हैं कि हमने जमाना देखा है, तुम हमारी बराबरी नहीं कर सकते
जमीन पर पाँव न पड़ना अत्यधिक खुश होना रानी दसवीं में उत्तीर्ण हो गई है तो आज उसके जमीन पर पाँव नहीं पड़ रहे हैं
जमीन में समा जाना बहुत लज्जित होना जब उधार के पैसे ने देने पर सबके सामने रामू का अपमान हुआ तो वह जमीन में ही समा गया
जरा-सा मुँह निकल आना लज्जित होना सबके सामने पोल खुलने पर शशि का जरा-सा मुँह निकल आया
जल-भुन कर राख होना बहुत क्रोधित होना सुरेश जरा-सी बात पर जल-भुन कर राख हो जाता है
जल में रहकर मगर से बैर करना अपने आश्रयदाता से शत्रुता करना मैंने रामू से कहा कि जल में रहकर मगर से बैर मत करो, वरना नौकरी से हाथ धोना पड़ेगा
जली-कटी सुनाना बुरा-भला कहना मैं जरा देर से ऑफिस पहुँचा तो मालिक ने मुझे जली-कटी सुना दी
जले पर नमक छिड़कना दुःखी व्यक्ति को और दुःखी करना अध्यापक ने छात्रों से कहा कि हमें किसी के जले पर नमक नहीं छिड़कना चाहिए
जवाब देना नौकरी से निकालना आज राजू जब देर से दफ्तर गया तो उसके मालिक ने उसे जवाब दे दिया
जहन्नुम में जाना/भाड़ में जाना बद्दुआ देने से संबंधित है पिताजी ने रामू से कहा कि यदि मेरा कहना नहीं मानो तो जहन्नुम में जाओ
जहर का घूँट पीना कड़वी बात सुनकर चुप रह जाना सबके सामने अपमानित होकर रानी जहर का घूँट पीकर रह गई
जहर की गाँठ बुरा या दुष्ट व्यक्ति अखिल जहर की गाँठ है, उससे मित्रता करना बेकार है
जादू चढ़ना प्रभाव पड़ना राम के सिर पर लता मंगेशकर का ऐसा जादू चढ़ा है कि वह हर समय उसी के गाने गाता रहता है
जादू डालना प्रभाव जमाना आज नेताजी ने आकर ऐसा जादू डाला है कि सभी उनके गुण गा रहे हैं
जान न्योछावर करना बलिदान करना हमारे सैनिक देश के लिए अपनी जान न्योछावर कर देते हैं
जान हथेली पर लेना जान की परवाह न करना सीमा पर सैनिक जान हथेली पर लेकर चलते हैं और देश की रक्षा करते हैं
जान हलकान करना अत्यधिक परेशान करना आजकल नए मैनेजर ने मेरी जान हलकान कर दी है
जाल फेंकना किसी को फँसाना उस अजनबी ने मुझ पर ऐसा जाल फेंका कि मेरे 500 रुपये ठग लिए
जाल में फँसना षड्यंत्र या चंगुल में फँसना राजू कल उस ठग के जाल में फँस गया तो मैंने ही उसे बचाया था
जी खट्टा होना मन में वैराग पैदा होना मेरे दादाजी का तो शहर से जी खट्टा हो गया है वे अब गाँव में ही रहते हैं
जी छोटा करना हतोत्साहित करना अरे मित्र, जी छोटा मत करो, जो लेना है, ले लो पैसे मैं दे दूँगा
जी हल्का होना चिन्ता कम होना मदद की सांत्वना मिलने पर ही रामू का जी हल्का हुआ
जी हाँ, जी हाँ करना खुशामद करना रमन, जी हाँ, जी हाँ करके ही चपरासी से बाबू बन गया
जी उकताना मन न लगना पिछले आठ महीनों से यहाँ रहते-रहते पिताजी का जी उकता गया था, इसलिए कल ही छोटे भाई के यहाँ चले गए
जी उड़ना आशंका/भय से व्यग्र रहना जबसे राम प्यारी को यह खबर मिली है कि इन दिनों उसका बेटा लड़ाई पर गया है तबसे उसका जी उड़ता रहता है
जी खोलकर पूरे मन से हँसने की बात पर जी खोलकर हँसना चाहिए
जी जलना संताप का अनुभव करना अपनी बहुओं की आदतों को देख-देखकर तुम क्यों अपना जी जलाती हो?’ पिताजी ने माँ को समझाते हुए कहा
जी जान से बहुत परिश्रम से यदि जी जान से काम करोगे तो जल्दी तरक्की मिलेगी
जी तोड़ पूरी शक्ति से मेरे भाई ने जी तोड़ मेहनत की थी तब जाकर मेडिकल में एडमीशन मिला
जी भर के जितना जी चाहे इस बार गर्मियों में हमने जी भर के आम खाए
जी मिचलाना वमन/कै की इच्छा होना ‘डॉक्टर साहब, आज सुबह से पेट में दर्द है और जी मिचला रहा है’, वह बोली
जी में आना इच्छा होना कभी-कभी मेरे जी में आता है कि मैं भी व्यापार करके देखूँ
जीते जी मर जाना जीवन काल में मृत्यु से बढ़कर कष्ट भोगना बेटे के काले कारनामों के कारण रामप्रसाद तो बेचारा जीते जी मर गया
जी चुराना काम में मन न लगाना जो लोग काम से जी चुराते हैं कभी सफल नहीं हो पाते
जीती मक्खी निगलना जान-बूझकर गलत काम करना अरे मित्र! तुम तो मुझे जीती मक्खी निगलने को कह रहे हो! मैं जान-बूझकर किसी का अहित नहीं कर सकता
जूतियाँ चटकाना बेकार में, बेरोजगार घूमना एम.ए. करने के बाद भी शंकर जूतियाँ चटका रहा है
जेब गर्म करना रिश्वत देना लालू जेब गर्म करके ही किसी को अपने साहब से मिलने देता है
जेब भरना रिश्वत लेना आजकल अधिकांश अधिकारी अपनी जेब भरने में लगे हुए हैं
जोड़-तोड़ करना उपाय करना लालू जोड़-तोड़ करना खूब जानता है
जौहर दिखाना वीरता दिखाना भारतीय जवान सीमा पर अपना खूब जौहर दिखाते हैं
जौहर करना स्त्रियों का चिता में जलकर भस्म होना अंग्रेजी शासनकाल में भारतीय नारियों ने खूब जौहर किया था
ज्वाला फूँकना क्रोध दिलाना रामू की जरा-सी करतूत ने उसके पिता के अन्दर ज्वाला फूँक दी है
जान का प्यासा होना मार डालने के लिए तत्पर सारे मुहल्ले वाले तुम्हारी जान के प्यासे हो रहे हैं भलाई इसी में है कितुम चुपचाप यहाँ से खिसक जाओ
जान के लाले पड़ना प्राण बचाना कठिन लगना रात के अँधेरे में मुसाफिरों को डाकुओं ने घेर लिया बेचारे मुसाफिरों की जान के लाले पड़ गए सब कुछ छीन लिया तब बड़ी मुश्किल से छोड़ा
जान में जान आना घबराहट दूर होना लग रहा था आज विमान नहीं मिल पाएगा हमलोग ट्रैफिक में फँसे हुए थे, पर जब मोबाइल पर संदेश आया कि विमान एक घंटा लेट हो गया है तब जाकर जान में जान आई
जिंदगी के दिन पूरे करना जैसे-तैसे जीवन के शेष दिन पूरे करना कहीं से कोई इनकम का साधन नहीं है बेचारा रामगोपाल जैसे-तैसे जिंदगी के दिन पूरे कर रहा है
जिक्र छेड़ना चर्चा करना अपनी बहन के रिश्ते के लिए शर्मा जी से जिक्र तो छेड़ों, शायद बात बन जाए
जिरह करना बहस करना मेरे वकील ने आज जिस तरह से कोर्ट में जिरह की, मजा आ गया
जुट जाना किसी काम में तन्मयता से लगना परीक्षा की तिथियों की सूचना मिलते ही सारे बच्चे परीक्षा की तैयारी में जुट गए हैं
जुल्म ढाना अत्याचार करना जो लोग असहायों पर जुल्म ढाते हैं, ईश्वर उन्हें कभी-न-कभी सजा देता ही हैं
जूते पड़ना बहुत निंदा होना अभी आपको मेरी बात समझ में नहीं आ रही जब जूते पड़ेंगे तब समझ में आएगी
जूते के बराबर न समझना बहुत तुच्छ समझना घमंड के कारण वह हमलोगों को जूते के बराबर भी नहीं समझता
जैसे-तैसे करके बड़ी कठिनाई से जैसे-तैसे करके तो नौकरी मिली थी वह भी बीमारी के कारण छूट गई
जोर चलना वश चलना अपनी पत्नी पर तुम्हारा जोर नहीं चलता उसके आगे तो भीगी बिल्ली बने रहते हो
जोश ठंडा पड़ना उत्साह कम होना वह कई बार आई० ए० एस० की परीक्षा में बैठा, पर सफल न हो सका अब तो बेचारे का जोश ही ठंडा पड़ गया है
झक मारना विवश होना दूसरा कोई साधन नहीं हैै झक मारकर तुम्हे साइकिल से जाना पड़ेगा
झण्डा गाड़ना/झण्डा फहराना अपना आधिपत्य स्थापित करना अंग्रेजों ने झाँसी की रानी को परास्त करने के पश्चात् भारत में अपना झण्डा गाड़ दिया था
झण्डी दिखाना स्वीकृति देना साहब के झण्डी दिखाने के बाद ही क्लर्क बाबू ने लालू का काम किया
झख मारना बेकार का काम करना आजकल बेरोजगारी में राजू झख मार रहा है
झाँसा देना धोखा देना विपिन को उसके सगे भाई ने ही झाँसा दे दिया
झाँसे में आना धोखे में आना वह बहुत होशियार है, फिर भी झाँसे में आ गया
झाड़ू फेरना बर्बाद करना प्रेम ने अपने पिताजी की सारी दौलत पर झाड़ू फेर दी
झाड़ू मारना निरादर करना अध्यापक कहते हैं कि आगंतुक पर झाड़ू मारना ठीक नहीं है, चाहे वह भिखारी ही क्यों न हो
झूठ का पुतला बहुत झूठा व्यक्ति वीरू तो झूठ का पुतला है तभी कोई उसकी बात का विश्वास नहीं करता
झूठ के पुल बाँधना झूठ पर झूठ बोलना अपनी नौकरी बचाने के लिए रामू ने झूठ के पुल बाँध दिए
झटक लेना चालाकी से ले लेना बड़ी-बड़ी बातें सुनाकर उसने मुझसे पाँच सौ रुपये झटक लिए
झटका लगना आघात लगना किसी पर इतना विश्वास मत करो कि कभी झटका लगने पर सँभल भी न पाओ
झपट्टा मारना झपटकर छीन लेना झपट्टा मारकर चील अपने शिकार को उठा ले गई
झाड़ू फिरना सब बर्बाद हो जाना मेरी सारी मेहनत पर तुम्हारे कारण झाड़ू फिर गया अब मैं फिर से यह काम नहीं कर सकता
झापड़ रसीद करना थप्पड़ मारना अध्यापक ने जब सुरेश के गाल पर एक झापड़ रसीद किया तो वह सारी हेकड़ी भूल गया
झोली भरना भरपूर प्राप्त होना ईश्वर बड़ा दयालु है अपने भक्तों को वह हमेशा झोली भरकर ही देता है
टाँग अड़ाना अड़चन डालना हर बात में टाँग ही अड़ाते हो या कुछ आता भी है तुम्हे ?
टका सा जबाब देना साफ़ इनकार करना मै नौकरी के लिए मैनेज़र से मिला लेकिन उन्होंने टका सा जबाब दे दिया
टस से मस न होना कुछ भी प्रभाव न पड़ना दवा लाने के लिए मै घंटों से कह रहा हूँ, परन्तु आप आप टस से मस नहीं हो रहे हैं
टोपी उछालना निरादर करना जब पुत्री के विवाह में दहेज नहीं दिया तो लड़के वालों ने रमेश की टोपी उछाल दी
टंटा खड़ा करना झगड़ा करना जरा-सी बात पर सरिता ने टंटा खड़ा कर दिया
टके के तीन बहुत सस्ता गाँव में तो मूली-गाजर टके के तीन मिल रहे हैं
टके को भी न पूछना कोई महत्व न देना कोई टके को भी नहीं पूछता, फिर भी राजू मामाजी के पीछे लगा रहता है
टके सेर मिलना बहुत सस्ता मिलना आजकल आलू टके सेर मिल रहे हैं
टर-टर करना बकवास करना/व्यर्थ में बोलते रहना सुनील तो हर वक्त टर-टर करता रहता है कौन सुनेगा उसकी बात?
टाँग खींचना किसी के बनते हुए काम में बाधा डालना रमेश ने मेरी टाँग खींच दी, वरना मैं मैनेजर बन जाता
टाँग तोड़ना सजा देना या सजा देने की धमकी देना अगर सौरव ने दुबारा मेरा काम बिगाड़ा तो मैं उसकी टाँग तोड़ दूँगा
टुकड़ों पर पलना दूसरे की कमाई पर गुजारा करना सुमन अपने मामा के टुकड़ों पर पल रहा है
टें बोलना मर जाना दादाजी जरा-सी बीमारी में टें बोल गए
टेढ़ी खीर अत्यन्त कठिन कार्य आई.ए.एस. पास करना टेढ़ी खीर है
टक्कर खाना बराबरी करना जो धूर्त हैं उनसे टक्कर लेने से क्या लाभ ?
टपक पड़ना सहसा आ जाना हमलोग फ़िल्म जाने का कार्यक्रम बना रहे थे कि न जाने कहाँ से अध्यापक टपक पड़े और कार्यक्रम रद्द हो गया
टाँय-टाँय फिस तैयारी अधिक परिणाम तुच्छ इतनी मेहनत की पर परिणाम टाँय-टाँय फिस
टालमटोल करना बहाना बनाना मैंने उनसे पूछा, ‘टालमटोल मत कीजिए साफ बताइए, आप मेरी मदद करेंगे या नहीं?’
टीस मारना/उठना कसक/दर्द होना कल रात से घाव टीस मार रहा है
टुकुर-टुकुर देखना टकटकी लगाकर देखना भिखारी भीख माँग रहा था और उसका छोटा-सा बच्चा सबको टुकुर-टुकुर देखे जा रहा था
टूट पड़ना आक्रमण करना सब लोगों को इतनी तेज भूख लगी थी कि खाना देखते ही वे टूट पड़े
टोह लेना पता लगाना वह अचानक कहाँ भाग गई, किसी को नहीं मालूम अब उसकी टोह लेना आसान नहीं है
ठन-ठन गोपाल खाली जेब अथवा अत्यन्त गरीब सुमेर तो ठन-ठन गोपाल है, वह चंदा कहाँ से देगा?
ठंडा करना क्रोध शान्त करना महेश ने समझा-बुझाकर दादाजी को ठंडा कर दिया
ठंडा पड़ना मर जाना वह साईकिल से गिरते ही ठंडा पड़ गया
ठकुरसोहाती/ठकुरसुहाती करना चापलूसी या खुशामद करना ठकुरसोहाती करने पर भी मालिक ने सुरेश का वेतन नहीं बढ़ाया
ठठरी हो जाना बहुत कमजोर या दुबला-पतला हो जाना बीमारी के कारण मोहन ठठरी हो गया है
ठिकाने लगाना मार डालना अपहरणकर्ताओं ने भवन के बेटे को ठिकाने लगा ही दिया
ठेंगा दिखाना इनकार करना वक्त आने पर मेरे मित्र ने मुझे ठेंगा दिखा दिया
ठेंगे पर मारना परवाह न करना कृपाशंकर अमीर है इसलिए वह सबको ठेंगे पर मारता है
ठोकरें खाना कष्ट या दुःख सहनादुनियाभर की ठोकरें खाकर गोपाल ने उच्च शिक्षा प्राप्त की है
ठोड़ी पकड़ना खुशामद करना मैंने सेठजी की बहुत ठोड़ी पकड़ी, परंतु उन्होंने मुझे पैसे उधार नहीं दिए
ठंडी आहें भरना दुखभरी साँस लेना दूसरों की शोहरत को देखकर ठंडी आहें नहीं भरनी चाहिए
ठट्टा मारना हँसी-मजाक करना माता जी ने लड़कियों को डाँटते हुए कहा कि ठट्टा मारना बंद करो और रसोई में जाकर काम करो
ठन जाना लड़ाई/झगड़ा हो जाना या परस्पर विरोध होना जब दो पार्टियों में आपस में ठन जाती है तो परिणाम अच्छा नहीं होता
ठहाका मारना जोर से हँसना वह छोटी-छोटी बातों पर भी ठहाका मारती है
ठाट-बाट से रहना शानौशौकत से रहना वे जिस ठाट-बाट से रहते हैं, उसकी बराबरी शायद ही कोई कर सके
ठिकाने की बात कहना समझदारी की बात कहना जो लोग ठिकाने की बात कहते हैं, लोग उन पर अवश्य यकीन करते हैं
ठीकरा फोड़ना दोष लगाना गलती आपकी है और ठीकरा दूसरों के सिर फोड़ रहे हैं?
ठीहा होना रहने का स्थान होना जिनका कोई ठीहा नहीं होता वे इधर-उधर भटकते रहते हैं
ठेस पहुँचना/लगना चोट पहुँचना तुम्हारी बातों से मुझे बहुत ठेस पहुँची है
ठोंक बजाकर देखना अच्छी तरह से जाँच-परख करना घर-परिवार सब कुछ ठोंक बजाकर देख लेना तब शादी के लिए हाँ करना
डकार जाना हड़प जाना सियाराम अपने भाई की सारी संपत्ति डकार गया
डींग मारना या हाँकना शेखी मारना जब देखो, शेखू डींग मारता रहता है- ‘मैंने ये किया, मैंने वो किया’
डेढ़/ढाई चावल की खिचड़ी पकाना सबसे अलग काम करना सुधीर अपनी डेढ़ चावल बनी खिचड़ी अलग पकाता है
डोरी ढीली करना नियंत्रण कम करना पिताजी ने जरा-सी डोरी ढीली छोड़ दी तो पिंटू ने पढ़ना ही छोड़ दिया
डंका पीटना प्रचार करना अनिल ने झूठा डंका पीट दिया कि उसकी लॉटरी खुल गई है
डंके की चोट पर खुल्लमखुल्ला शेरसिंह जो भी काम करता है, डंके की चोट पर करता है
डोंड़ी पीटना मुनादी या ऐलान करना बीरबल की विद्वता को देखकर अकबर ने डोंड़ी पीट दी थी कि वह राज दरबार के नवरत्नों में से एक है
डंका बजाना प्रभाव जमाना आस्ट्रेलिया ने सब देशों की टीमों को हरा कर अपना डंका बजा दिया
डंडी मारना कम तोलना यह दुकानदार बड़ा बेईमान है तौलते समय हमेशा डंडी मार लेता है
डकार तक न लेना किसी का माल हड़प कर जाना इससे बचकर रहो सारा माला हड़प लेगा और डकार तक न लेगा
डुबकी मारना गायब हो जाना ‘इतने दिनों से कहाँ डुबकी मार गए थे’, सुरेश ने मदन से पूछा
डूब मरना बहुत लज्जित होना इस तरह की बातें मेरे लिए डूब मरने के समान हैं
डूबती नैया को पार लगाना संकट से छुड़ाना ईश्वर की कृपा होगी तभी तुम्हारी डूबती नैया पार लगेगी
डेरा डालना निवास करना साधु ने मंदिर में जाकर अपना डेरा डाल दिया
डेरा उठाना चल देना स्वामी जी एक जगह नहीं रुकते कुछ दिनों बाद ही डेरा उठाकर दूसरी जगह के लिए चल देते हैं
डोरे डालना किसी को अपने प्रेम-पाश में फँसाने की कोशिश करना उस पर डोरे डालने की कोशिश मत करो वह तुम्हारे चक्कर में आने वाली नहीं
ढील देना छूट देना दादी माँ कहती हैं कि बच्चों को अधिक ढील नहीं देनी चाहिए
ढेर हो जाना गिरकर मर जाना कल पुलिस की मुठभेड़ में दो बदमाश ढेर हो गए
ढोल पीटना सबसे बताना अरे, कोई इस रानी को कुछ मत बताना, वरना ये ढोल पीट देगी
ढपोरशंख होना केवल बड़ी-बड़ी बातें करना, काम न करना राहुल तो ढपोरशंख है, बस बातें ही करता है, काम कुछ नहीं करता
ढर्रे पर आना सुधरना अब तो शराबी कालू ढर्रे पर आ गया है
ढलती-फिरती छाया भाग्य का खेल या फेर कल वह गरीब था, आज अमीर है- सब ढलती-फिरती छाया है
ढाई ईंट की मस्जिद सबसे अलग कार्य करना राजेश घर में कुआँ खुदवाकर ढाई ईंट की मस्जिद बना रहा है
ढाई दिन की बादशाहत होना या मिलना थोड़े दिनों की शान-शौकत या हुकूमत होना मैनेजर के बाहर जाने पर मोहन को ढाई दिन की बादशाहत मिल गई है
ढेर करना मार गिराना पुलिस ने कल दो लुटेरों को सरेआम ढेर कर दिया
ढोल की पोल खोखलापन; बाहर से देखने में अच्छा, किन्तु अन्दर से खराब होना श्यामा तो ढोल की पोल है- बाहर से सुन्दर और अन्दर से चालाक
ढल जाना कमजोर हो जाना, वृद्धावस्था की ओर जाना बीमारी के कारण उसका सारा शरीर ढल गया है
ढिंढोरा पीटना घोषणा करना केवल ढिंढोरा पीटने से काम नहीं बनता काम बनाने के लिए लोगों का विश्वास जीतना जरूरी है
तूती बोलना बोलबाला होना आजकल तो राहुल गाँधी की तूती बोल रही है
तारे गिनना चिंता के कारण रात में नींद न आना अपने पुत्र की चिन्ता में पिता रात भर तारे गिनते रहे
तिल का ताड़ बनाना छोटी-सी बात को बढ़ा-चढ़ाकर कहना शांति तो तिल का ताड़ बनाने में माहिर है
तीन तेरह करना नष्ट करना, तितर बितर करना जरा-से झगड़े ने दोनों भाइयों को तीन तेरह कर दिया
तकदीर खुलना या चमकना भाग्य अनुकूल होना सरकारी नौकरी लगने से श्याम की तो तकदीर खुल गई
तख्ता पलटना एक शासक द्वारा दूसरे शासक को हटाकर उसके सिंहासन पर खुद बैठना पाकिस्तान में मुशर्रफ ने तख्ता पलट दिया और कोई कुछ न कर सका
तलवा या तलवे चाटना खुशामद या चापलूसी करना ओमवीर ने अफसरों के तलवे चाटकर ही तरक्की पाई है
घी-दूध की नदियाँ बहना समृद्ध होना श्रीकृष्ण के युग में हमारे देश में घी-दूध की नदियाँ बहती थीं
घुटने टेकना हार या पराजय स्वीकार करना संजू इतनी जल्दी घुटने टेकने वाला नहीं है, वह अंतिम साँस तक प्रयास करेगा
घोड़े पर सवार होना वापस जाने की जल्दी में होना अरे मित्र, तुम तो सदैव घोड़े पर सवार होकर आते हो, जरा हमारे पास भी बैठो
घोलकर पी जाना कंठस्थ याद करना रामू दसवीं में गणित को घोलकर पी गया था तब उसके 90 प्रतिशत अंक आए हैं
घनचक्कर मूर्ख/आवारागर्द किस घनचक्कर को मेरे पास लाए हो, इसे तो बात करने की भी तमीज नहीं है
घपले में पड़ना किसी काम का खटाई में पड़ना लोन के कागज पूरे न होने के कारण लोन स्वीकृति का मामला घपले में पड़ गया है
घर उजड़ना गृहस्थी चौपट हो जाना रामनायक की दुर्घटना में मृत्यु क्या हुई, दो महीने में ही उसका सारा घर उजड़ गया
घिग्घी बँध जाना डर के कारण आवाज न निकलना वैसे तो रोहन अपनी बहादुरी की बहुत डींगे मारता है पर कल रात एक चोर को देखकर उसकी घिग्घी बँध गई
घुट-घुट कर मरना असहय कष्ट सहते हुए मरना गरीबों पर अत्याचार करने वाले घुट-घुट कर मरेंगे
चार चाँद लगाना चौगुनी शोभा देना निबन्धों में मुहावरों का प्रयोग करने से चार चाँद लग जाता है
चिकना घड़ा होना बेशर्म होना तुम ऐसा चिकना घड़ा हो तुम्हारे ऊपर कहने सुनने का कोई असर नहीं पड़ता
चिराग तले अँधेरा पण्डित के घर में घोर मूर्खता आचरण पण्डितजी स्वयं तो बड़े विद्वान है, किन्तु उनके लड़के को चिराग तले अँधेरा ही जानो
चैन की बंशी बजाना मौज करना आजकल राम चैन की बंशी बजा रहा है
चार दिन की चाँदनी थोड़े दिन का सुख राजा बलि का सारा बल भी जब चार दिन की चाँदनी ही रहा, तो तुम किस खेत की मूली हो ?
चींटी के पर लगना या जमना विनाश के लक्षण प्रकट होना इसे चींटी के पर जमना ही कहेंगे कि अवतारी राम से रावण बुरी तरह पेश आया
चूँ न करना सह जाना, जवाब न देना वह जीवनभर सारे दुःख सहता रहा, पर चूँ तक न की
चादर से बाहर पैर पसारना आय से अधिक व्यय करना डेढ़ सौ ही कमाते हो और इतनी खर्चीली लतें पाल रखी है चादर के बाहर पैर पसारना कौन-सी अक्लमन्दी है ?
चाँद पर थूकना व्यर्थ निन्दा या सम्माननीय का अनादर करना जिस भलेमानस ने कभी किसी का कुछ नहीं बिगाड़ा, उसे ही तुम बुरा-भला कह रहे हो ?भला, चाँद पर भी थूका जाता है ?
चूड़ियाँ पहनना स्त्री की-सी असमर्थता प्रकट करना इतने अपमान पर भी चुप बैठे हो! चूड़ियाँ तो नहीं पहन रखी है तुमने ?
चहरे पर हवाइयाँ उड़ना डरना, घबराना साम्यवाद का नाम सुनते ही पूँजीपतियों के चेहरे पर हवाइयाँ उड़ने लगती है
चाँदी काटना खूब आमदनी करना कार्यालय में बाबू लोग खूब चाँदी काट रहे है
तलवे धोकर पीना अत्यधिक आदर-सत्कार या सेवा करना अमन अपने माता-पिता के तलवे धोकर पीता है तभी लोग उसे श्रवण का अवतार कहते हैं
तलवार की धार पर चलना बहुत कठिन कार्य करना मित्रता निभाना तलवार की धार पर चलने के समान है
तलवार के घाट उतारना तलवार से मारना राजवीर ने अपने शत्रु को तलवार के घाट उतार दिया
तलवार सिर पर लटकना खतरा होना आजकल रामू के मैनेजर से उसकी कहासुनी हो गई है इसलिए तलवार उसके सिर पर लटकी हुई है
तवे-सा मुँह बहुत काला चेहरा किरण का तो तवे-सा मुँह है, फिर भी वह स्वयं को सुंदर समझती है
तशरीफ लाना आना घर में मेहमान आते हैं तो यही कहते हैं- तशरीफ लाइए
तांत-सा होना दुबला-पतला होना चार दिन की बीमारी में गौरव तांत-सा हो गया है
ताक पर धरना व्यर्थ समझकर दूर हटाना सारे नियम ताक पर रखकर अध्यापक ने एक छात्र को नकल करवाई
ताक में बैठना मौके की तलाश में रहना सुधीर बहुत दिनों से ताक में बैठा था कि उसे मैं कब अकेला मिलूँ और वो मुझे पीटे
तारीफ के पुल बाँधना अधिक प्रशंसा या तारीफ करना राकेश जब फर्स्ट क्लास पास हुआ तो सभी ने उसकी तारीफ के पुल बाँध दिए
तारे तोड़ लाना कठिन या असंभव कार्य करना जब विवेक ने अपनी डींग मारनी शुरू की तो मैंने कहा- बस करो भाई! तारे नहीं तोड़ लाए हो, जो इतनी डींग मार रहे हो
तिनके का सहारा थोड़ी-सी मदद मैंने मोहित की जब सौ रुपए की मदद की तो उसने कहा कि डूबते को तिनके का सहारा बहुत होता है
तीन-पाँच करना हर बात में आपत्ति करना राघव बहुत तीन-पाँच करता है इसलिए सब उससे दूर रहते हैं
तीर मार लेना कोई बड़ा काम कर लेना इंजीनियर बनकर आयुष ने तीर मार लिया है
तीस मारखाँ बनना अपने को बहुत शूरवीर समझना मुन्ना खुद को बहुत तीस मारखाँ समझता है, जब देखो लड़ाई की बातें करता रहता है
तूफान उठना उपद्रव खड़ा करना मित्र, तुम जहाँ भी जाते हो, वहीं तूफान खड़ा कर देते हो
तेल निकालना खूब कस कर काम लेना प्राइवेट फर्म तो कर्मचारी का तेल निकाल लेती है तभी विकास को नौकरी करना पसंद नहीं है
तेली का बैल हर समय काम में लगा रहने वाला व्यक्ति प्रेमचन्द्र तो तेली का बैल है, जब देखो, रात-दिन काम करता रहता है
तोता पालना किसी बुरी आदत को न छोड़ना केशव ने तंबाकू खाने का तोता पाल लिया है बहुत मना किया, मानता ही नहीं है
तंग हाल निर्धन होना नीरू खुद तंग हाल है, तुम्हें कहाँ से कर्ज देगी
तकदीर फूटना भाग्य खराब होना उस लड़की की तो तकदीर ही फूट गई जो तुम जैसे जाहिल से उसकी शादी हो गई
तबीयत आना किसी पर आसक्ति होना वह तो मनमौजी है जब जिस चीज पर उसकी तबीयत आ जाती है तो उसे हासिल करके ही छोड़ता है
तबीयत भरना मन भरना, इच्छा न होना इस शहर से अब मेरी तबीयत भर चुकी है इसलिए इस शहर को छोड़कर जाना चाहता हूँ
तरस खाना दया करना ठंड में काँपते हुए उस भिखारी पर तरस खाकर मैंने अपना कंबल उसी को दे दिया
तह तक पहुँचना गुप्त रहस्य को मालूम कर लेना जब तक वह इस मामले की तह तक नहीं पहुँचेगा तब तक कोई फैसला नहीं सुनाएगा
तहलका मचना खलबली मचना विमान में बम होने की खबर से चारों ओर तहलका मच गया
ताँता बंधना एक के बाद दूसरे का आते रहना वैष्णो देवी के मंदिर में दर्शनार्थियों का सुबह से ताँता लग जाता है
ताक-झाँक करना इधर-उधर देखना दूसरे के घर में ताक-झाँक करना अच्छी आदत नहीं है
तानकर सोना निश्चित होकर सोना बेटी के विवाह के बाद वह सारी चिंताओं से मुक्त हो गया है और अब तानकर सोता है
ताल ठोंकना लड़ने के लिए ललकारना उसके सामने तुम ताल मत ठोंको, तुम उसका कुछ भी बिगाड़ नहीं पाओगे
ताव आना क्रोध आना मोहनलाल की झूठी बातें सुनकर मुझे ताव आ गया
तिल-तिल करके मरना धीरे-धीरे मृत्यु के मुख में जाना बेटे के गम में उसने बिस्तर पकड़ लिया है और अब तिल-तिल करके मर रही है
तिल रखने की जगह न होना स्थान का ठसाठस भरा होना शनिवार के दिन शनि मंदिर में तिल रखने तक की जगह नहीं होती
तिलमिला उठना बहुत बुरा मानना जब मैंने उसकी पोल खोल दी तो वह तिलमिला उठा
तिलांजलि देना त्याग देना वर्मा जी ने घर-परिवार को तिलांजलि देकर संन्यास ले लिया
तुक न होना कोई औचित्य न होना पहले मैं बाजार जाऊँ फिर तुम्हें लेने के लिए घर आऊँ, इसमें कोई तुक नहीं है
तुल जाना किसी काम को करने के लिए उतारू होना यदि तुम मेहनत करने पर तुल जाओ तो सफलता अवश्य मिलेगी
तू-तू मैं-मैं होना आपस में कहा-सुनी होना कल रमेश और उसकी पत्नी के बीच तू-तू मैं-मैं हो गई
तूल पकड़ना उग्र रूप धारण करना बातों-ही-बातों में कहा-सुनी हो गई और झगड़े ने तूल पकड़ ली
तेल निकालना खूब कसकर काम लेना जमींदार मजदूरों का तेल निकाल लेते थे
तेवर चढ़ाना क्रोध के कारण भौहों को तानना मुझे परिणाम का अनुमान है तुम्हारे तेवर चढ़ाने से मैं निर्णय नहीं बदल सकता
तैश में आना क्रोध करना तैश में आकर किसी का अपमान करना गलत है
तोबा करना भविष्य में किसी काम को न करने की प्रतिज्ञा करना ईट के व्यापार में घाटा होने से मैंने इससे तोबा कर दिया
तौल-तौल कर मुँह से शब्द निकालना बहुत सोच-विचार कर बोलना शालिनी बहुत विवेकशील है वह तौल-तौलकर मुँह से शब्द निकालती है
त्राहि-त्राहि करना विपत्ति या कठिनाई के समय रक्षा या शरण के लिए प्रार्थना करना आग लगने पर बच्चे का उपाय न देखकर लोग त्राहि-त्राहि करने लगे
त्रिशुंक होना बीच में रहना, न इधर का होना, न उधर का केशव न तो अभी तक आया और न ही फोन किया समारोह में जाना है या नहीं कुछ भी नहीं पता मैं तो त्रिशुंक हो गया हूँ
थूक कर चाटना कह कर मुकर जाना कल मुन्ना थूक कर चाट गया अब उस पर कोई विश्वास नहीं करेगा
थाली का बैंगन होना ऐसा आदमी जिसका कोई सिद्धान्त न हो आजकल के नए-नए नेता तो थाली के बैंगन हैं
थाह मिलना या लगना भेद खुलना अब वैज्ञानिकों ने थाह लगा ली है कि मंगल ग्रह पर भी पानी है
थुक्का फजीहत होना अपमान होना कुमार थुक्का फजीहत होने से पहले ही चला गया
थुड़ी-थुड़ी होना बदनामी होना बच्चों को बेवजह पीटने पर अध्यापक की हर जगह थुड़ी-थुड़ी हो रही है
थक कर चूर होना बहुत थक जाना मई की धूप में चार कि० मी० की पैदल यात्रा करने के कारण मैं तो थककर चूर हो गया हूँ
थर्रा उठना अत्यंत भयभीत होना अचानक इतनी तेज धमाका हुआ कि दूर तक के लोग थर्रा उठे
थाह लेना मन का भव जानना गंभीर लोगों के मन की थाह लेना मुश्किल होता है
थैली का मुँह खोलना खूब धन व्यय करना सेठ रामप्रसाद ने अपनी बेटी के विवाह में थैली का मुँह खोल दिया था
दम टूटना मर जाना शेर ने एक ही गोली में दम तोड़ दिया
दिन दूना रात चौगुना तेजी से तरक्की करना रामदास अपने व्यापार में दिन दूना रात चौगुना बढ़ रहा है
दाल में काला होना संदेह होना हम लोगों की ओट में ये जिस तरह धीरे-धीरे बातें कर रहें है, उससे मुझे दाल में काला लग रहा है
दौड़-धूप करना बड़ी कोशिश करना कौन बाप अपनी बेटी के ब्याह के लिए दौड़-धूप नहीं करता ?
दो कौड़ी का आदमी तुच्छ या अविश्र्वसनीय व्यक्ति किस दो कौड़ी के आदमी की बात करते हो ?
दो टूक बात कहना थोड़े शब्दों में स्पष्ट बात कहना दो टूक बात कहना अच्छा रहता है
दो दिन का मेहमान जल्द मरनेवाला किसी का क्या बिगाड़ेगा ? वह बेचारा खुद दो दिन का मेहमान है
दूध के दाँत न टूटना ज्ञानहीन या अनुभवहीन वह सभा में क्या बोलेगा ? अभी तो उसके दूध के दाँत भी नहीं टूटे हैं
दूध का दूध और पानी का पानी कर देना पूरा-पूरा इन्साफ करना कल सरपंच ने दूध का दूध और पानी का पानी कर दिया
दूज का चाँद होना या ईद का चाँद होना कभी-कभार दिखाई पड़ना मित्र, आजकल तो तुम दूज का चाँद हो रहे हो
दो नावों पर पैर रखना/दो नावों पर सवार होना दो काम एक साथ करना मित्र, तुम दो नावों पर पैर मत रखो- या तो पढ़ लो, या नौकरी कर लो
दम खींचना या साधना चुप रह जाना पैसा उधार मांगने पर सेठजीदम साध गए
दमड़ी के तीन होना बहुत तुच्छ या सस्ता होना आजकल मूली दमड़ी की तीन बिक रही हैं
दरवाजे की मिट्टी खोद डालना बार-बार तकाजा करना सौ रुपए के लिए श्याम ने राजू के दरवाजे की मिट्टी खोद डाली
दरार पड़ना मतभेद पैदा होना अब कौशल और कौशिक की दोस्ती में दरार पड़ गई है
दसों उंगलियाँ घी में होना खूब लाभ होना आजकल रामअवतार की दसों उंगलियाँ घी में हैं
दाँत पीसना बहुत क्रोधित होना रमेश तो बात-बात पर दाँत पीसने लगता है
दाँत काटी रोटी होना अत्यन्त घनिष्ठता होना या मित्रता होना आजकल राम और श्याम की दाँत काटी रोटी है
दाँत खट्टे करना परास्त करना, हराना महाभारत में पांडवों ने कौरवों के दाँत खट्टे कर दिए थे
दाँतों तले उँगली दबाना दंग रह जाना जब एक गरीब छात्र ने आई.ए.एस. पास कर ली तो सब दाँतों तले उँगली दबाने लगे
दाई से पेट छिपाना जानने वाले से भेद छिपाना मैं पंकज की हरकत जानता हूँ, फिर भी वह दाई से पेट छिपा रहा था
दाद देना प्रशंसा करना माहेश्वरी सर के पढ़ाने के ढँग की सभी छात्र दाद देते हैं
दाना-पानी उठना आजीविका का साधन खत्म होना या बेरोजगार होना लगता है आज रोहित का दाना-पानी उठ गया है तभी वह मैनेजर को उल्टा जवाब दे रहा है
दाल-भात में मूसलचन्द दो व्यक्तियों की बातों में तीसरे व्यक्ति का हस्तक्षेप करना शंकर हर जगह दाल-भात में मूसलचन्द की तरह आ जाता है
दिन में तारे दिखाई देना अधिक दुःख के कारण होश ठिकाने न रहना जब रामू की नौकरी छूट गई तो उसे दिन में तारे दिखाई दे गए
दिन गँवाना समय नष्ट करना बेरोजगारी में रोहन आजकल यूँ ही दिन गँवा रहा है
दिन पूरे होना अंतिम समय आना लगता है किशन के दिन पूरे हो गए हैं तभी अत्यधिक धूम्रपान कर रहा है
दिन पलटना अच्छे दिन आना नौकरी लगने के बाद अब शम्भू के दिन पलट गए हैं
दिन-रात एक करना कठिन श्रम करना मोहन ने दसवीं पास करने के लिए दिन-रात एक कर दिया था
दिन आना अच्छा समय आना अभी उनके दिन चल रहे हैं पर कभी-न-कभी हमारे भी दिन आएँगे
दिन लद जाना समय व्यतीत हो जाना वे दिन लद गए जब जमींदार लोग किसानों पर अत्याचार करते थे
दिमाग दौड़ाना विचार करना, अत्यधिक सोचना कमल बहुत दिमाग दौड़ाता है तभी वह इंजीनियर बन पाया है
दिमाग सातवें आसमान पर होना बहुत अधिक घमंड होना सरकारी नौकरी लगने पर परमजीत का दिमाग सातवें आसमान पर हो गया है
दिमाग खाना या खाली करना मगजपच्ची या बकवास करना मेरे दिमाग खाली करने के बाद भी गणित का सवाल सोनू की समझ में नहीं आया
दिल टुकड़े-टुकड़े होना या दिल टूटना बहुत निराश होना जब मनीष को मैंने किताब नहीं दी तो उसका दिल टुकड़े-टुकड़े हो गया
दिल पर पत्थर रखना दुःख सहकर या हानि होने पर चुप रहना रामू के जब पाँच हजार रुपए खो गए तो उसने दिल पर पत्थर रख लिया
दिल पसीजना किसी पर दया आना भिखारी की दुर्दशा देखकर मेरा दिल पसीज गया
दिल हिलना अत्यधिक भयभीत होना रात में किसी की परछाई देखकर मेरा दिल हिल गया
दिल का काला या खोटा कपटी अथवा दुष्ट मुन्ना दिल का काला है
दिल बाग-बाग होना अत्यधिक हर्ष होना वर्षों बाद बेटा घर आया तो माता-पिता का दिल बाग-बाग हो गया
दिल कड़ा करना हिम्मत करना जब तक दिल कड़ा नहीं करोगे तब तक किसी काम में सफलता नहीं मिलेगी
दिल का गुबार निकालना मन का मलाल दूर करना अपने बेटे के विवाह में पंडित रामदीन ने अपने दिल के सारे गुबार निकाल लिए
दिल की दिल में रह जाना मनोकामना पूरी न होना जिस लड़की से वह विवाह करना चाहता था उससे कह ही नहीं पाया और इस तरह से दिल की दिल में ही रह गई
दिल के अरमान निकलना इच्छा पूरी होना जब मेरे दिल के अरमान निकलेंगे तब मुझे तसल्ली मिलेगी
दिल्ली दूर होना लक्ष्य दूर होना अभी तो मोहन ने सिर्फ दसवीं पास की है उसे डॉक्टर बनना है तो अभी दिल्ली दूर है
दुनिया की हवा लगना कुमार्ग पर चलना रामू को दुनिया की हवा लग गई है, पहले तो वह बहुत सीधा था
दुनिया से उठ जाना मर जाना काका हाथरसी दुनिया से उठ गए तो संगीत प्रेमी रोने लगे थे
दूध का धुला निष्पाप; निर्दोष मुकेश तो दूध का धुला है, लोग उसे चोरी के इल्जाम में खाहमखाह फँसा रहे हैं
दूध का-सा उबाल आना एकदम से क्रोध आना जैसे ही मैंने पिताजी से रुपए माँगे, उनमें दूध का-सा उबाल आ गया
दूध की नदियाँ बहना धन-दौलत से पूर्ण होना कृष्ण के युग में मथुरा में दूध की नदियाँ बहती थीं
दूध की मक्खी तुच्छ व्यक्ति बेरोजगार होने के बाद रामू तो अपने घर में दूध की मक्खी की तरह है
दूध में से मक्खी की तरह निकालकर फेंकना अनावश्यक समझकर अलग कर देना राजू की कंपनी ने कल उसे दूध में से मक्खी की तरह निकालकर फ़ेंक दिया
दो-दो हाथ होना लड़ाई होना छोटी-सी बात पर राजू और रामू में दो-दो हाथ हो गए
दोनों हाथों में लड्डू होना हर प्रकार से लाभ होना अब अजय के तो दोनों हाथों में लड्डू हैं
दोनों हाथों से लुटाना खूब खर्च करना सुरेश बाप-दादों की संपत्ति दोनों हाथों से लुटा रहा है
दूर के ढोल सुहावने होना या लगना दूर की वस्तु या व्यक्ति अच्छा लगना जब मैंने वैष्णो देवी जाने को कहा तो पिताजी बोले कि तुम्हें दूर के ढोल सुहावने लग रहे हैं, चढ़ाई चढ़ोगे तब मालूम पड़ेगा
देवलोक सिधारना मर जाना रामू के पिताजी तो बहुत पहले देवलोक सिधार गए, पर मुझे आज ही ज्ञात हुआ है
दफा होना चले जाना अगर तुम वहाँ से दफा न हुए होते तो तुम्हारी खैर नहीं थी
दबदबा मानना रौब मानना सारे मुहल्ले के लोग आपके बेटे का दबदबा मानते हैं
दबे पाँव आना/जाना बिना आहट किए आना/जाना इस कमरे में दबे पाँव जाना क्योंकि अंदर बच्चा सो रहा है
दर-दर की खाक छानना/दर-दर-मारा-मारा फिरना जगह-जगह की ठोकरें खाना नौकरी के चक्कर में माधव दर-दर की खाक छानता फिर रहा है
दशा फिरना अच्छे दिन आना इतने दिनों से वह परेशान चल रही थी जैसे ही दशा फिरी सब अच्छा-ही-अच्छा हो गया
दाँत निपोरना गिड़गिड़ाना क्यों दाँत निपोरकर भीख माँग रहे हो, काम क्यों नहीं करते ?
दाने-दाने को तरसना भूखों मरना पिता की मृत्यु के कारण बच्चे दाने-दाने को तरसने लगे हैं
दाम खड़ा करना उचित कीमत प्राप्त करना आप चाहें तो अपनी पुरानी कार के दाम खड़े कर सकते हैं
दामन छुड़ाना पीछा छुड़ाना पति की मार सहना उसकी मजबूरी थी बेचारी पति से दामन छुड़ाकर जाती भी कहाँ ?
दामन पकड़ना किसी की शरण में जाना मैं एक बार जिसका दामन पकड़ लेता हूँ, जीवन भर साथ नहीं छोड़ता
दाल गलना युक्ति सफल होना उसने मुझे फुसलाने की बहुत कोशिश की पर मेरे आगे उसकी दाल न गली
दाल रोटी चलना जीवन निर्वाह होना इतनी तनख्वाह मिल जाती है कि किसी तरह दाल-रोटी चल जाती है
दिल बल्लियों उछलना बहुत खुश होना नौकरी की खबर मिलते ही उसका दिलबल्लियों उछलने लगा
दिल्लगी करना मजाक करना हर समय दिल्लगी करना अच्छा नहीं लगता
दुकान बढ़ाना दूकान बंद करना लाला जी ने शाम को सात बजे दुकान बढ़ाई और घर की ओर चल दिए
दीवारों के कान होना किसी गोपनीय बात के प्रकट हो जाने का खतरा दीवारों के भी कान होते हैं अतः तुम लोग बात करते समय सावधानी रखा करो
दुखती रग को छूना मर्म पर आघात करना उसकी दुखती रग को मत छुओ वरना वह रो पड़ेगी
दुम दबाकर भागना डटकर भागना/चले जाना पुलिस वाले को देखते ही चोर दुम दबाकर भाग गया
दुलत्ती झाड़ना दोनों लातों से मारना घोड़ा जब दुलत्ती झाड़ता है तब थोड़ी दूर रहना चाहिए
दुश्मनी मोल लेना व्यर्थ की दुश्मनी करना बैठे बिठाए दुश्मनी मोल लेना कोई अक्लमंदी नहीं है
दूध की लाज रखना वीरोचित कार्य करना माँ ने अपने बेटे को युद्ध में भेजते समय यही कहा था कि ‘बेटे मेरे दूध की लाज रखना या तो जीत कर लौटना या शहीद हो जाना’
दूध पीता बच्चा अबोध एवं निरपराध व्यक्ति वह कोई दूध पीता बच्चा नहीं है जो हमेशा उसे टोकती रहती हो
दृष्टि फिरना पहले जैसा प्रेम या स्नेह न रहना यदि आपकी ही दृष्टि फिर गई तो हमलोग कहाँ जाएँगे?
देखते रह जाना दंग रह जाना इतने छोटे बच्चे के करतब लोग देखते रह गए
देखते ही बनना वर्णन न कर पाना उन पहाड़ों की छटा देखते ही बनती थी
देह टूटना शरीर में दर्द होना लगता है इनफैक्शन हो गया है सुबह से ही मेरी देह टूट रही है
देह भरना मोटा हो जाना पहले तो वह बहुत कमजोर था पर नौकरी के तीन महीने बाद ही उसकी देह भर गई
द्वार-द्वार फिरना घर-घर भीख माँगना बेचारा द्वार-द्वार फिरता है तब जाकर पेट भरने लायक भीख मिलती है
द्वार लगाना दरवाजा बंद करना उसने मुझे देखते ही द्वार लगा दिया था
दरदर भटकना मारे-मारे फिरना कभी तुलसीदास को भी दर-दर भटकना पड़ा था
दाल-भात का कौर समझना आसान समझना यह आई० ए० एस० की परीक्षा है कोई दाल-भात का कौर नहीं
धज्जियाँ उड़ाना किसी के दोषों को चुन-चुनकर गिनाना उसने उनलोगों की धज्जियाँ उड़ाना शुरू किया कि वे वहाँ से भाग खड़े हुए
धूप में बाल सफेद करना बिना अनुभव के जीवन का बहुत बड़ा भाग बिता देना रामू काका ने धूप में बाल सफेद नहीं किए हैं, उन्हें बहुत अनुभव है
धोबी का कुत्ता घर का न घाट का जिसका कहीं ठिकाना न हो, निरर्थक व्यक्ति जब से रामू की नौकरी छूटी है, उसकी दशा धोबी का कुत्ता घर न घाट का जैसी है
धतूरा खाए फिरना उन्मत्त होना लॉटरी खुलने पर अमित धतूरा खाए फिर रहा है
धन्नासेठ का नाती बनना गरीब आदमी का बहुत गर्व करना किशन के पास कुछ भी नहीं है, फिर भी धन्नासेठ का नातीबनता है
घब्बा लगना कलंकित करना मोहन ने चोरी करके खुद पर धब्बा लगा लिया
धमाचौकड़ी मचाना उपद्रव करना अंकुर और टीटू मिलकर बहुत धमाचौकड़ी मचाते हैं
धुर्रे उड़ाना बहुत अधिक मारना ट्रेन में लोगों ने पॉकेटमार के धुर्रे उड़ा दिए
धूल फाँकना मारा-मारा फिरना बी.ए. पास करने के बाद कालू नौकरी के लिए धूल फाँक रहा है
धाक जमाना रोब या दबदबा जमाना वह जहाँ भी जाता है वहीं अपनी धाक जमा लेता है
धीरज बँधाना सांत्वना देना सब लोगों ने धीरज बँधाने की कोशिश की पर उसके आँसू न थमे
धुन का पक्का लगन से काम करने वाला जो धुन के पक्के होते हैं वे काम पूरा करके ही छोड़ते हैं
धुन सवार होना लगन लगना अब उसे संगीत सीखने की धुन सवार हो गई है
धूनी रमाना साधु या विरक्त हो जाना, कहीं पर जाकर निवास करना हमारा क्या है? जहाँ कहीं भी धूनी रमा देंगे वहीं अपना किया बन जाएगा
धोखा देना ठगना चोर पुलिस को धोखा देकर भाग गया
धूल चाटना खुशामद करना पहले तो बहुत अकड़ रहे थे जब पता चला कि मदन मंत्री का बेटा है तो लगे उसकी धूल चाटने
ध्यान में न लाना विचार न करना अपनी पत्नी की बातों को ध्यान में मत लाया करो वरना दुखी होते रहोगे
ध्यान से उतरना भूलना मैंने गाड़ी की चाबी कहाँ रख दी है यह मेरे ध्यान से उतर गया है
धता बताना टालना, भागना हमीद बड़ी ही उम्मीद से अफजल के यहाँ गया, लेकिन उसने तो धता बता दिया
धरना देना अड़कर बैठना सत्याग्रही मंत्री की कोठी के सामने धरना दे रहे है
धाँधली मचाना झंझट करना, उपद्रव करना इस विभाग में बड़ी धाँधली मची हुई है
धुनी रमाना तप करना भाई ! इसी उम्र में क्यों धुनी रमा रहे हो ?
धूल छानना मारना-पीटना बदमाशी करोगे, तो धूल झाड़ देंगे
नौ-दो ग्यारह होना भाग जाना बिल्ली को देखकर चूहे नौ दो ग्यारह हो गए
न इधर का, न उधर का कही का नही कमबख्त ने न पढ़ा, न बाप की दस्तकारी सीखी; न इधर रहा, न उधर का
नाकों डीएम करना परेशान करना पिछली लड़ाई में भारत ने पाकिस्तान को नाकों दम कर दिया
निन्यानबे के फेर में पड़ना अत्यधिक धन कमाने में व्यस्त होना आजकल रामू सब कुछ भूलकर निन्यानबे के फेर में पड़ा हुआ है
न घर का रहना न घाट का दोनों तरफ से उपेक्षित होना पढ़ाई छोड़ कर रोहन घर का रहा न घाट का, अब वह पछताता है
पीठ ठोंकना शाबाशी देना कक्षा में फर्स्ट आने पर अध्यापक ने राजू की पीठ ठोंक दी
प्राण हथेली पर लेना जान खतरे में डालना सैनिक प्राण हथेली पर लेकर देश की रक्षा करते हैं
प्राणों पर खेलना जान जोखिम में डालना आचार्य जी डूबती बच्ची को बचाने के लिए अपने प्राणों पर खेल गए
पंख लगना विशेष चतुराई के लक्षण प्रकट करना मधु के तो पंख लग गए हैं, उसे बहस में हरा पाना आसान नहीं है
पंथ निहारना/देखना प्रतीक्षा करना गोपियाँ पंथ निहारती रहीं पर कृष्ण कभी वापस न आए
पत्ता खड़कना आशंका होना अगर यहाँ पत्ता भी खड़केगा तो मुझे खबर मिल जाएगी, इसलिए आप निश्चिंत होकर अपना काम कीजिए
पर कटना अशक्त हो जाना इस लड़के के पर काटने पड़ेंगे बहुत बक-बक करने लगा है
पलक-पाँवड़े बिछाना बहुत श्रद्धापूर्वक स्वागत करना गाँधी जी जिस गाँव से भी निकल जाते थे लोग उनके स्वागत में पलक-पाँवड़े बिछा देते थे
पलकों में रात बीतना रातभर नींद न आना रात को कॉफी क्या पी, पलकों में ही सारी रात बीत गई
पल्ला छुड़ाना छुटकारा पाना मुझे इस काम में फँसाकर आप मुझसे पल्ला क्यों छुड़ाना चाहते हैं?
पल्ला पकड़ना आश्रय लेना अब पल्ला पकड़ा है तो जीवनभर साथ निभाना होगा
पसीने की कमाई मेहनत से कमाई हुई संपत्ति भाई साहब! यह मेरे पसीने की कमाई है, मैं ऐसे ही नहीं लुटा सकता
पाँव पड़ना बहुत अनुनय-विनय करना मेरे पाँव पड़ने से कुछ न होगा, जाकर अपने अध्यापक से माँफी माँगो
पाँव में बेड़ी पड़ना स्वतंत्रता नष्ट हो जाना मल्लिका का विवाह क्या हुआ बेचारी के पाँवों में बेड़ी पड़ गई है, उसके सास-ससुर उसे कहीं आने-जाने ही नहीं देते
पाँवों में मेंहदी लगना कहीं जाने में अशक्त होना तुम्हारे पाँवों में क्या मेंहदी लगी है जो तुम बाजार तक जाकर सब्जी भी नहीं ला सकते?
पाँसा पलटना भाग्य का प्रतिकूल होना पता नहीं कब क्या से क्या हो जाए? पाँसा पलटते देर नहीं लगती
पानी जाना प्रतिष्ठा नष्ट होना मनुष्य का यदि एक बार पानी चला जाए तो दुबारा वैसा ही सम्मान वापस नहीं मिलता
पानी की तरह रुपया बहाना अन्धाधुन्ध खर्च करना सेठजी ने सेठानी के इलाज पर पानी की तरह रुपया बहाया पर कुछ न हो सका
पापड़ बेलना कष्टमय जीवन बिताना, बहुत परिश्रम करना कितने पापड़ बेले हैं तब जाकर यह छोटी-सी नौकरी मिली है
पाप का घड़ा भरना पाप का पराकाष्ठा पर पहुँचना वह दुष्ट समझता था कि उसके पापों का घड़ा कभी भरेगा ही नहीं, पर समय किसी को नहीं छोड़ता
पार लगाना उद्धार करना ईश्वर पर भरोसा रखो वे ही हमारी नैया पार लगाएँगे
पाला पड़ना वास्ता पड़ना मुझसे पाला पड़ा होता तो उसके होश ठिकाने आ जाते
पासा पलटना स्थिति उलट जाना क्या करें पास ही पलट गया सोचा कुछ था हो कुछ गया
पिंड छुड़ाना पीछा छुड़ाना बड़ा दुष्ट है वह उससे पिंड छुड़ाना बहुत मुश्किल है
पिल पड़ना किसी काम के पीछे बुरी तरह लग जाना बर्तन में रखे दूध पर बिल्लियाँ ऐसे पिल पड़ीं कि सारा दूध जमीन पर फैल गया
पीछा छुड़ाना जान छुड़ाना बड़ी मुश्किल से मैं उससे पीछा छुड़ाकर आया हूँ
पीठ दिखाना हारकर भागना/पीछे हटना पाकिस्तानी सेना पीठ दिखाकर भाग निकली
पीस डालना नष्ट कर देना जो मुझसे टक्कर लेगा उसे मैं पीस डालूँगा
पुरजा ढीला होना व्यक्ति का सनकी हो जाना मदन लाल के दिमाग का पुरजा ढीला हो गया है उसे पता ही नहीं चलता कि क्या बोल रहा है?
पूरा न पड़ना कमी पड़ना मेहमान अधिक आ गए हैं शायद इतना खाना पूरा न पड़े?
पेट पर लात मारना रोजी ले लेना मैं किसी के पेट पर लात मारना नहीं चाहता वरना अब तक तो उसे नौकरी से बाहर कर दिया होता
पेट पीठ एक होना बहुत दुर्बल होना तीन माह की बीमारी में रमेश के पेट-पीठ एक हो गए हैं
पेट में दाढ़ी होना बहुत चालाक होना उसे सीधा मत समझना उसके पेट में दाढ़ी है, किसी भी दिन चकमा दे सकता है
पेट में बात न पचना कोई बात छिपा न सकना उसे हर बात मत बताया करो क्योंकि उसके पेट में कोई बात नहीं पच ती
पेट में बल पड़ना इतना हँसना कि पेट दुखने लगे आज सब लोगों ने जो चुटकले सुनाए उन्हें सुनकर सब लोगों के पेट में बल पड़ गए
पैंतरे बदलना नई चाल चलना रामेश्वर से सावधान रहना वह हर बार पैंतरे बदलता है
पैर उखड़ना भाग जाना युद्ध में कौरवों की सेना के पैर उखड़ गए
पैर न टिकना कहीं स्थायी रूप से कुछ समय भी न रहना तुम्हारा कभी पैर क्यों नहीं टिकता?
पैर फैलाकर सोना निश्चिंत रहना बेटी का विवाह हो जाए फिर पैर फैला कर सोऊँगा
पोल खुलना किसी का छुपा हुआ दोष सामने आ जाना जब तुम्हारी पोल खुल जाएगी तब ये ही लोग तुम्हारा क्या हाल करेंगे तुम्हें अनुमान नहीं है
पोल खोलना रहस्य प्रकट करना आखिर एक दिन पोल खुली कि वह पैसा कहाँ से लाता है
पैसा खींचना ठग कर किसी से धन लेना उसने उससे पैसे खींच लिए
पैसा डूबना हानि होना इस कारोबार में मेरा पैसा डूब गया
पौ फटना प्रातः काल होना पौ फटते ही पिता जी घर से निकल पड़े
प्रशंसा के पुल बाँधना बहुत तारीफ करना आज तो समारोह में सभाध्यक्ष ने शर्मा जी की प्रशंसा के पुल बाँध दिए
प्राणों की बाजी लगाना जान की परवाह न करना चिंता मत करो प्राणों की बाजी लगाकर वह तुम्हारी रक्षा करेगा
नमक हलाल करना उपकार का बदला उतारना कुत्ते ने मालिक के लिए अपनी जान दे कर अपना नमक हलाल कर दिया
नमक का हक अदा करना बदला/ऋण चुकाना यदि आप मेरी मदद करेंगे तो जीवन भर मैं आपके नमक का हक अदा करता रहूँगा
नमक-मिर्च लगाना बढ़ा-चढ़ाकर कहना मेरे भाई ने नमक-मिर्च लगाकर मेरी शिकायत पिता जी से कर डाली
नमकहराम होना अकृतज्ञ होना तुम जैसे नमकहराम लोगों पर कोई कैसे यकीन करेगा?
नयनों का तारा अत्यन्त प्रिय व्यक्ति या वस्तु पिंटू अपने माता-पिता के नयनों का तारा है
नस-नस ढीली होना बहुत थक जाना दिन-भर घर का काम करके माँ की नस-नस ढीली हो जाती है
नस-नस पहचानना भलीभाँति अच्छी तरह जानना माता-पिता अपने बच्चों की नस-नस पहचानते हैं
नाक में दम करना बहुत परेशान करना इस बच्चे ने तो नाक में दम कर दिया है कितना ऊधम करता है ये!
नाक में नकेल डालना नियंत्रण में करना अशोक ने मैनेजर बनकर सबकी नाक में नकेल डाल दी है
नाक ऊँची रखना सम्मान या प्रतिष्ठा रखना शांति हमेशा अपनी नाक ऊँची रखती है
नाक रगड़ना बहुत अनुनय-विनय करना सुरेश को नाक रगड़ने पर भी नौकरी नहीं मिली
नाकों चने चबाना बहुत परेशान होना शिवाजी से टक्कर लेकर मुगलों को नाकों चने चबाने पड़े
नाक का बाल होना बहुत प्यारा होना इन दिनों हरीश अपने प्रधानाध्यापक की नाक का बाल बना हुआ है
नाक रखना इज्जत रखना आई० ए० एस० की परीक्षा में प्रथम आकर मेरी बेटी ने मेरी नाक रख ली
नाक काटना इज्जत जाना पोल खुलते ही सबके सामने उसकी नाक कट गयी
नाक कटना प्रतिष्ठा या मर्यादा नष्ट होना माँ ने बेटी को समझाया कि कोई ऐसा काम न करना जिससे उनकी नाक कट जाए
नाम उछालना बदनामी करना छात्रों ने बेमतलब ही संस्कृति के आचार्य जी का नाम उछाल दिया कि ये बच्चों को मारते हैं
नाम डुबोना प्रतिष्ठा, मर्यादा आदि खोना सीमा ने घर से भाग कर अपने माँ-बाप का नाम डुबो दिया
नाव या नैया पार लगाना सफलता या सिद्धि प्रदान करना ईश्वर सदा मेहनती व्यक्ति की नाव/नैया पार लगाता है
नीला-पीला होना बहुत क्रोध करना राजू के होमवर्क करके न लाने पर स्कूल में अध्यापक नीले-पीले हो रहे थे
नंगा कर देना असलियत प्रकट कर देना यदि ज्यादा बक-बक करोगे तो सबके सामने नंगा कर दूँगा
नंगा नाच करना खुलेआम नीच काम करना मुहल्ले में गुंडे नंगा नाच करते हैं और पुलिस कुछ करना ही नहीं चाहती
नंबर दो का पैसा/रुपया अवैध धन सारे नेता नंबर दो के पैसे को स्विस बैंक में जमा करने में लगे हैं
नशा उतरना/काफूर होना घमण्ड दूर होना व्यापार में घाटा होते ही सेठ जी का नशा उतर गया/काफूर हो गया
न लेना न देना कोई संबंध न रखना रोहन का अपनी पत्नी से न लेना है न देना दोनों अलग हो गए हैं
नखरे उठाना खुशामद करना मैं किसी के नखरे नहीं उठा सकता जो मुझे उचित लगेगा वही करूँगा
नजर अंदाज करना उपेक्षा करना धनवान बच्चों के सामने गरीब बच्चों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए
नजर उतारना बुरी दृष्टि के प्रभाव को मंत्र आदि युक्ति से दूर करना लगता है तुम्हें लोगों की नजर लग जाती है इसलिए जल्दी-जल्दी बीमार पड़ जाती हो इस बार किसी साधु-संत से नजर उतरवा लो
नजर डालना देखना यदि आप इस तरफ नजर डालेंगे तो आपको सब समझ में आ जाएगा
नजरबंद करना जेल में रखना गाँधी जी को अंग्रेजो ने कई बार नजरबंद करके रखा था
नजर बचाकर चुपके से माता-पिता की नजर बचाकर वह सिनेमा देखने आई थी
नजर से गिरना प्रतिष्ठा कम करना जो लोग अपने बड़ों की नजर में गिर जाते हैं उनको कोई नहीं पूछता
नब्ज छूटना मर जाना सेठजी की नब्ज छूटते ही सब लोग रोने चिल्लाने लगे
नसीब फूटना भाग्य का प्रतिकूल होना हमारे तो नसीब फूटे थे जो इस शहर में आकर बसे
नाक के नीचे बहुत निकट आपकी नाक के नीचे आपका नौकर चोरी करता रहा और आपको तब पता चला जब उसने सारा खजाना खाली कर दिया
नानी मर जाना बहुत कष्ट होना थोड़ा-सा भी काम बढ़ जाता है तो तुम्हारी नानी क्यों मर जाती हैं?
नाम कमाना ख्याति प्राप्त करना कंप्यूटर के क्षेत्र में मेरे बेटे ने बहुत नाम कमाया है
नाक भौं चढ़ाना घृणा प्रदर्शित करना इस जगह को देखकर नाक-भौं मत चढ़ाओ इतनी खराब जगह नहीं है यह
नाक पर मक्खी न बैठने देना अपने ऊपर किसी भी प्रकार का आक्षेप न लगने देना जो अपनी नाक पर मक्खी तक नहीं बैठने देता वह इस बेईमानी के धंधे में हमारी मदद करेगा, यह तो संभव ही नहीं
नुक़्ताचीनी करना दोष दिखाना, आलोचना करना तुम हर बात में नुक्ताचीनी क्यों करती हो, कोई भी बात सीधे क्यों नहीं मान लेती हो
निछावर करना बलिदान करना अनेक देशभक्तों ने देश के लिए अपनी जान निछावर कर दी
नींद हराम करना चिंता आदि के कारण सो न पाना बेटी के विवाह की चिंता में वर्मा जी की नींद हराम हो गई है
नींव डालना शुभ कार्य आरंभ करना जैसी नींव डालोगे वैसी ही इमारत खड़ी होगी अतः बच्चों को शुरू से ऐसी शिक्षा दो कि उनकी नींव मजबूत हो
नीचा दिखाना अपमानित करना जो दूसरों को अकारण नीचा दिखाने की कोशिश करते हैं एक दिन खुद गड्ढ़े में गिरते हैं
नोंक-झोंक होना कहा-सुनी होना वैसे तो इनमें गहरी दोस्ती है, पर कभी-कभी नोंक-झोंक होती रहती हैं
नौकरी बजाना कर्तव्यों का पालन करना मैं तो ईमानदारी से अपनी नौकरी बजाता हूँ, मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता
पेट काटना अपने भोजन तक में बचत अपना पेट काटकर वह अपने छोटे भाई को पढ़ा रहा है
पानी उतारना इज्जत लेना भरी सभा में द्रोपदी को पानी उतारने की कोशिश की गयी
पेट में चूहे कूदना जोर की भूख पेट में चूहे कूद रहे है पहले कुछ खा लूँ, तब तुम्हारी सुनूँगा
पहाड़ टूट पड़ना भारी विपत्ति आना उस बेचारे पर तो दुःखों का पहाड़ टूट पड़ा
पट्टी पढ़ाना बुरी राय देना तुमने मेरे बेटे को कैसी पट्टी पढ़ाई कि वह घर जाता ही नहीं ?
पौ बारह होना खूब लाभ होना क्या पूछना है ! आजकल तुम व्यापारियों के ही तो पौ बारह हैं
पाँचों उँगलियाँ घी में होना पूरे लाभ में पिछड़े देशों में उद्योगियों और मेहनतकशों की हालत पतली रहती है तथा दलालों, कमीशन एजेण्टों और नौकरशाहों की ही पाँचों उँगलियाँ घी में रहता हैं
पगड़ी रखना इज्जत बचाना हल्दीघाटी में झाला सरदार ने राजपूतों की पगड़ी रख ली
पगड़ी उतारना अपमानित करना दहेज-लोभियों ने सीता के पिता की पगड़ी उतार दी
पानी-पानी होना अधिक लज्जित होना जब धीरज की चोरी पकड़ी गई तो वह पानी-पानी हो गया
पत्ता कटना नौकरी छूटना मंदी के दौर में मेरी कंपनी में दस लोगों का पत्ता कट गया
परछाई से भी डरना बहुत डरना राजू तो अपने पिताजी की परछाई से भी डरता है
पर्दाफाश करना भेद खोलना महेश मुझे बात-बात पर धमकी देता है कि यदि मैं उसकी बात नहीं मानूँगा तो वह मेरा पर्दाफाश कर देगा
पर्दाफाश होना भेद खुलना रामू ने बहुत छिपाया, पर कल उसका पर्दाफाश हो ही गया
पल्ला झाड़ना पीछा छुड़ाना मैंने उसे उधार पैसे नहीं दिए तो उसने मुझसे पल्ला झाड़ लिया
पाँव तले से धरती खिसकना अत्यधिक घबरा जाना बस में जेब कटने पर मेरे पाँव तले से धरती खिसक गई
पाँव फूलना डर से घबरा जाना जब चोरी पकड़ी गई तो रामू के पाँव फूल गए
पानी का बुलबुला क्षणभंगुर, थोड़ी देर का संतों ने ठीक ही कहा है- ये जीवन पानी का बुलबुला है
पानी फेरना समाप्त या नष्ट कर देना मित्र! तुमने तो सब किये कराए पर पानी फेर दिया
पारा उतरना क्रोध शान्त होना जब मोहन को पैसे मिल गए तो उसका पारा उतर गया
पारा चढ़ना क्रोधित होना मेरे दादाजी का जरा-सी बात में पारा चढ़ आता है
पेट का गहरा भेद छिपाने वाला कल्लू पेट का गहरा है, राज की बात नहीं बताता
पेट का हल्का कोई बात न छिपा सकने वाला रामू पेट का हल्का है, उसे कोई बात बताना बेकार है
पटरा कर देना चौपट कर देना इस वर्ष के अकाल ने तो पटरा कर दिया
पट्टी पढ़ाना गलत सलाह देना किसी को पट्टी पढ़ाना अच्छी बात नहीं
पत्थर का कलेजा कठोर हृदय व्यक्ति शेरसिंह का पत्थर का कलेजा है तभी अपने माता-पिता के देहांत पर उसकी आँखों में आँसू नहीं थे
पत्थर की लकीर पक्की बात पंडित जी की बात पत्थर की लकीर है
पर्दा उठना भेद प्रकट होना आज सच्चाई से पर्दा उठ ही गया कि मुन्ना धनवान है
पलकों पर बिठाना बहुत अधिक आदर-स्वागत करना रामू ने विदेश से आए बेटों को पलकों पर बिठा लिया
पलकें बिछाना बहुत श्रद्धापूर्वक आदर-सत्कार करना नेताजी के आने पर सबने पलकें बिछा दीं
पाँव धोकर पीना अत्यन्त सेवा-शुश्रुषा और सत्कार करना रमा अपनी सासुमाँ के पाँव धोकर पीती है
पॉकेट गरम करना घूस देना अदालत में पॉकेट गर्म करने के बाद ही रामू का काम हुआ
पीठ की खाल उधेड़ना कड़ी सजा देना कक्षा में शोर मचाने पर अध्यापक ने रामू की पीठ की खाल उधेड़ दी
खाने को दौड़ना बहुत क्रोध में होना मैं अपने ताऊजी के पास नहीं जाऊँगा, वे तो हर किसी को खाने को दौड़ते हैं
खिचड़ी पकाना गुप्त बात या कोई षड्यंत्र करना छात्रों को खिचड़ी पकाते देख अध्यापक ने उन्हें डाँट दिया
खीरे-ककड़ी की तरह काटना अंधाधुंध मारना-काटना 1857 की लड़ाई में रानी लक्ष्मीबाई ने अंग्रेजों को खीरे-ककड़ी की तरह काट दिया था
खुदा-खुदा करके बहुत मुश्किल से रामू खुदा-खुदा करके दसवीं में उत्तीर्ण हुआ हैं
खुशामदी टट्टू खुशामद करने वाला वह तो खुशामदी टट्टू हैं, खुशामद करके अपना काम निकाल लेता हैं
खूँटा गाड़ना रहने का स्थान निर्धारित करना उसने तो यहीं पर खूँटा गाड़ लिया हैं, लगता हैं जीवन भर यहीं रहेगा
खून-पसीना एक करना बहुत कठिन परिश्रम करना रामू खून-पसीना एक करके दो पैसे कमाता हैं
खून के आँसू रुलाना बहुत सताना या परेशान करना रामू कलियुगी पुत्र हैं, वह अपने माता-पिता को खून के आँसू रुला रहा हैं
गला पकड़ना किसी को जिम्मेदार ठहराना गलती चाहे किसी की हो, पिताजी मेरा ही गला पकड़ते हैं
गला फँसाना मुसीबत में फँसाना अपराध उसने किया हैं और गला मेरा फँसा दिया हैं बहुत चतुर है वो!
गला फाड़ना जोर से चिल्लाना राजू कब से गला फाड़ रहा है कि चाय पिला दो, पर कोई सुनता ही नहीं
गले पड़ना पीछे पड़ना मैंने उसे एक बार पैसे उधार क्या दे दिए, वह तो गले ही पड़ गया
गले पर छुरी चलाना अत्यधिक हानि पहुँचाना उसने मुझे नौकरी से बेदखल करा के मेरे गले पर छुरी चला दी
गले न उतरना पसन्द नहीं आना मुझे उसका काम गले हीं उतरता, वह हर काम उल्टा करता हैं
गाँठ का पूरा, आँख का अंधा धनी, किन्तु मूर्ख व्यक्ति सेठ जी गाँठ के पूरे, आँख के अंधे हैं तभी रामू का कहना मानकर अनाड़ी मोहन को नौकरी पर रख लिया हैं
गाजर-मूली समझना तुच्छ समझना मोहन ने कहा कि उसे कोई गाजर-मूली न समझे, वह बहुत कुछ कर सकता है
चस्का लगना बुरी आदत धीरू को धूम्रपान का बहुत बुरा चस्का लग गया है
चाँद का टुकड़ा बहुत सुन्दर रामू का पुत्र तो चाँद का टुकड़ा है, वह उसे प्रतिदिन काला टीका लगाता है
चाँदी कटना खूब लाभ होना आजकल रामरतन की कारोबार में चाँदी कट रही है
चाँदी ही चाँदी होना खूब धन लाभ होना अरे मित्र! यदि तुम्हारी ये दुकान चल गई तो चाँदी ही चाँदी हो जाएगी
चाँदी का जूता घूस या रिश्वत जब रामू ने लाइन में लगे बिना अपना काम करा लिया तो उसने मुझसे कहा- तुम भी चाँदी का जूता मारो और काम करा लो, लाइन में क्यों लगे हो?
चाट पड़ना आदत पड़ना रानी को तो चाट पड़ गई है, वह बार-बार पैसा उधार माँगने आ जाती है
चादर देखकर पाँव पसारना आमदनी के अनुसार खर्च करना पिताजी ने मुझसे कहा कि आदमी को चादर देखकर पाँव पसारने चाहिए, वरना उसे पछताना पड़ता है
चादर के बाहर पैर पसारना आय से अधिक व्यय करना जो लोग चादर के बाहर पैर पसारते हैं हमेशा तंगी का ही अनुभव करते रहते हैं
चार सौ बीस कपटी एवं धूर्त व्यक्ति मुन्ना चार सौ बीस है, इसलिए सब उससे दूर रहते हैं
चार सौ बीसी करना छल-कपट या धोखा करना मित्र, तुम मुझसे चार सौ बीसी मत करना, वर्ना अच्छा नहीं होगा
चिकनी-चुपड़ी बातें धोखा देने वाली बातें एक व्यक्ति चिकनी-चुपड़ी बातें करके रामू की माँ को ठग ले गया
चिड़िया उड़ जाना चले जाना या गायब हो जाना अरे भाई, कब से तुमसे कहा था कि शहद अच्छा है, ले लो अब तो चिड़िया उड़ गई जाओ अपने घर
चिड़िया फँसाना किसी को धोखे से अपने वश में करना जब परदेस में एक आदमी मुझे फुसलाने लगा तो मैंने उससे कहा- अरे भाई, अपना काम करो ये चिड़िया फँसने वाली नहीं है
चिनगारी छोड़ना लड़ाई-झगड़े वाली बात करना राजू ने ऐसी चिनगारी छोड़ी कि दो मित्रों में झगड़ा हो गया
चिराग लेकर ढूँढना बहुत छानबीन या तलाश करना मैंने माँ से कहा कि राजू जैसा मित्र तो चिराग लेकर ढूँढ़ने से भी नहीं मिलेगा, इसलिए मैं उसे अपने घर लाया हूँ
चिल्ल-पौं मचना शोरगुल होना जब कक्षा में अध्यापक नहीं होते तो चिल्ल-पौं मच जाती है
चीं बोलना हार मान लेना आज राजू कबड्डी में चीं बोल गया
चींटी के पर निकलना मृत्यु के निकट पहुँचना रामू ने जब ज्यादा आतंक मचाया तो मैंने कहा- लगता है, अब चींटी के पर निकल आए हैं
चुटकी लेना हँसी उड़ाना जब रमेश डींग मारता है तो सभी उसकी चुटकी लेते हैं
चुटिया हाथ में लेना पूर्णरूप से नियंत्रण में होना मित्र, उस बदमाश की चुटिया मेरे हाथ में हैं तुम फिक्र मत करो
चुल्लू भर पानी में डूब मरना अत्यन्त लज्जित होना जब सबके सामने राजू का झूठ पकड़ा गया तो उसके लिए चुल्लू भर पानी में डूब मरने वाली बात हो गई
चूना लगाना ठगना कल एक अनजान आदमी गोपाल को 100 रुपए का चूना लगा गया
चूहे-बिल्ली का बैर स्वाभाविक विरोध राम और मोहन में तो चूहे-बिल्ली का बैर है दोनों भाई हर समय झगड़ते रहते हैं
चेहरे का रंग उड़ना निराश होना जब रानी को परीक्षा में फेल होने की सूचना मिली तो उसके चेहरे का रंग उड़ गया
चेहरा खिलना खुश होना जब अमित दसवीं में उत्तीर्ण हो गया तो उसका चेहरा खिल गया
चेहरा तमतमाना बहुत क्रोध आना जब बच्चे कक्षा में शोर मचाते हैं तो अध्यापक का चेहरा तमतमा जाता हैं
चैन की वंशी बजाना सुख से समय बिताना मेरा मित्र डॉक्टर बनकर चैन की वंशी बजा रहा हैं
चोटी और एड़ी का पसीना एक करना खूब परिश्रम करना मुकेश ने नौकरी के लिए चोटी और एड़ी का पसीना एक कर दिया हैं
चोली-दामन का साथ काफी घनिष्ठता धीरू और वीरू का चोली-दामन का साथ है
चोटी पर पहुँचना बहुत उन्नति करना अध्यापक ने कक्षा में कहा कि चोटी पर पहुँचने के लिए व्यक्ति को अथक परिश्रम करना पड़ता है
चोला छोड़ना शरीर त्यागना गाँधीजी ने चोला छोड़ते समय ‘हे राम’ कहा था
चंडू खाने की निराधार बात मेरे सामने तुम चंडूखाने की मत सुनाया करो मुझे तुम्हारी किसी भी बात पर यकीन नहीं है
चट कर जाना सबका सब खा जाना वह तीन दिन से भूखा था, सारा खाना एकदम चट कर गया
चप्पा-चप्पा छान डालना हर जगह जाकर देख आना पुलिस ने जंगल का चप्पा-चप्पा छान मारा लेकिन चोरों का सुराग न मिला
चरबी चढ़ना मदांध होना लॉटरी लगते ही प्रमोद पर चरबी चढ़ गई है, दूसरों को कुछ समझता ही नहीं है
चहल-पहल होना रौनक होना दिवाली के कारण आज बाजार में बहुत चहल-पहल है
चाकरी बजाना सेवा करना रामकमल ने अपने अधिकारी की खूब चाकरी बजाई फिर भी उसका प्रमोशन न हो सका
चिल्ले का जाड़ा बहुत भयंकर ठंड जनवरी माह में दिल्ली में चिल्ले का जाड़ा पड़ता है अगर इन्हीं दिनों जाना पड़े तो गरम कपड़े लेकर जाना
चुगली खाना/लगाना पीछे-पीछे निंदा करना जो लोग पीछे-पीछे दूसरों की चुगली लगाते/खाते हैं उनकी पोल जल्दी ही खुल जाती है
चुटकी बजाते-बजाते चटपट आपका यह काम तो मैं चुटकी बजाते-बजाते पूरा कर दूँगा, आप चिंता न करें
चूँ-चूँ का मुरब्बा बेमेल चीजों का योग यह पार्टी तो चूँ-चूँ का मुरब्बा है न जाने इस पार्टी में कहाँ-कहाँ के लोग शामिल हैं
चूर चूर कर देना नष्ट करना कारगिल युद्ध में भारतीय सेना ने पाकिस्तान का घमंड चूर-चूर कर दिया था
चूल्हा जलना खाना बनना रामेश्वर के यहाँ इतनी तंगी है कि दो दिन से घर में चूल्हा तक नहीं जला है
छक्के छूटना बुरी तरह पराजित होना महाराजकुमार विजयनगरम की विकेट-कीपरी में अच्छे-अच्छे बॉलर के छक्के छूट चुके है
छप्पर फाडकर देना बिना मेहनत का अधिक धन पाना ईश्वर जिसे देता है, उसे छप्पर फाड़कर देता है
छाती पर पत्थर रखना कठोर ह्रदय उसने छाती पर पत्थर रखकर अपने पुत्र को विदेश भेजा था
छाती पर सवार होना आ जाना अभी वह बात कर रही थी कि बच्चे उसके छाती पर सवार हो गए
छक्के छुड़ाना हौसला पस्त करना या हराना शिवाजी ने युद्ध में मुगलों के छक्के छुड़ा दिए थे
छाती पर मूँग या कोदो दलना किसी को कष्ट देना राजन के घर रानी दिन-रात उसकी विधवा माँ की छाती पर मूँग दल रही है
छाती पर साँप लोटना ईर्ष्या से हृदय जलना जब पड़ोसी ने नई कार ली तो शेखर की छाती पर साँप लोट गया
छठी का दूध याद आना बहुत कष्ट आ पड़ना मैंने जब अपना मकान बनवाया तो मुझे छठी का दूध याद आ गया
छठे छमासे कभी-कभार चुनाव जीतने के बाद नेता लोग छठे-छमासे ही नजर आते हैं
छत्तीस का आँकड़ा घोर विरोध मुझमें और मेरे मित्र में आजकल छत्तीस का आँकड़ा है
छाती पीटना मातम मनाना अपने किसी संबंधी की मृत्यु पर मेरे पड़ोसी छाती पीट रहे थे
छाती जलना ईर्ष्या होना जब भवेश दसवीं में फर्स्ट क्लास आया तो उसके विरोधियों की छाती जल गई
छाती दहलना डरना, भयभीत होना अंधेरे हॉल में कंकाल देखकर मोहन की छाती दहल गई
छाती दूनी होना अत्यधिक उत्साहित होना जब रोहन बारहवीं कक्षा में प्रथम आया तो कक्षा अध्यापक की छाती दूनी हो गई
छाती फूलना गर्व होना जब मैंने एम.ए. कर लिया तो मेरे अध्यापक की छाती फूल गई
छाती सुलगना ईर्ष्या होना किसी को सुखी देखकर मेहता जी की तो छाती सुलग उठती है
छिपा रुस्तम अप्रसिद्ध गुणी वरुण तो छिपा रुस्तम निकला सब देखते रह गए और परीक्षा में उसी ने पहला स्थान प्राप्त कर लिया
गाढ़ी कमाई मेहनत की कमाई ये मेरी गाढ़ी कमाई है, अंधाधुंध खर्च मत करो
गाढ़े दिन संकट का समय रमेश गाढ़े दिनों में भी खुश रहता है
गाल फुलाना रूठना अंशु सुबह से ही गाल फुलाकर बैठी हुई है
गुजर जाना मर जाना मेरे दादाजी तो एक साल पहले ही गुजर गए और तुम आज पूछ रहे हो
गुल खिलाना बखेड़ा खड़ा करना यह लड़का जरूर कोई गुल खिला कर आया है तभी चुप बैठा है
गुलछर्रे उड़ाना मौजमस्ती करना मित्र, परीक्षाएँ नजदीक हैं और तुम गुलछर्रे उड़ा रहे हो
गूँगे का गुड़ वर्णनातीत अर्थात जिसका वर्णन न किया जा सके दादाजी कहते हैं कि ईश्वर के ध्यान में जो आनंद मिलता है, वह तो गूँगे का गुड़ है
गोता मारना गायब या अनुपस्थित होना अरे मित्र! तुमने दो दिन कहाँ गोता मारा, नजर नहीं आए
गोली मारना त्याग देना या ठुकरा देना रंजीत ने कहा कि बस को गोली मारो, हम तो पैदल जायेंगे
गौं का यार मतलब का साथी रमेश तो गौं का यार है, वो बेमतलब तुम्हारा काम नहीं करेगा
गोद भरना संतान होना, विवाह से पूर्व कन्या के आँचल में नारियल आदि सामान देकर विवाह पक्का करना सुरेश की बहन का गोद भर गई है, अब अगले माह शादी होनी है
गोद लेना दत्तक बनाना, अपना पुत्र न होने पर किसी बच्चे को विधिवत अपना पुत्र बनाना महिमा दीदी के जब कोई संतान नहीं हुई तो उन्होंने एक बच्चा गोद लिया
गोद सूनी होना संतानहीन होना जब तुम्हारी गोद सूनी है तो किसी बच्चे को गोद क्यों नहीं ले लेते ?
गोबर गणेश मूर्ख वह तो एकदम गोबर गणेश है, उसकी समझ में कुछ नहीं आता
गोलमाल करना काम बिगाड़ना/गड़बड़ करना मुंशी जी ने सेठ जी का सारे हिसाब-किताब का गोलमाल कर दिया
घर का न घाट का कहीं का नहीं कोई काम आता नही और न लगन ही है कि कुछ सीखे-पढ़े ऐसा घर का न घाट का जिये तो कैसे जिये
घाव पर नमक छिड़कना दुःख में दुःख देना राम वैसे ही दुखी है, तुम उसे परेशान करके घाव पर नमक छिड़क रहे हो
घोड़े बेचकर सोना बेफिक्र होना बेटी तो ब्याह दी अब क्या, घोड़े बेचकर सोओ
घड़ो पानी पड़ जाना अत्यन्त लज्जित होना वह हमेशा फस्ट क्लास लेता था मगर इस बार परीक्षा में चोरी करते समय रँगे हाथ पकड़े जाने पर बच्चू पर घोड़े पड़ गया
घी के दीए जलाना अप्रत्याशित लाभ पर प्रसत्रता जिससे तुम्हारी बराबर ठनती रही, वह बेचारा कल शाम कूच कर गया अब क्या है, घी के दीये जलाओ
घर बसाना विवाह करना उसने घर क्या बसाया, बाहर निकलता ही नहीं
घात लगाना मौका ताकना वह चोर दरवान इसी दिन के लिए तो घात लगाये था, वर्ना विश्र्वास का ऐसा रँगीला नाटक खेलकर सेठ की तिजोरी-चाबी तक कैसे समझे रहता ?
घाट-घाट का पानी पीना हर प्रकार का अनुभव होना मुन्ना घाट-घाट का पानी पिए हुए है, उसे कौन धोखा दे सकता है
घर आबाद करना विवाह करना देर से ही सही, रामू ने अपना घर आबाद कर लिया
घर का उजाला सुपुत्र अथवा इकलौता पुत्र सब जानते हैं कि मोहन अपने घर का उजाला हैं
घर काट खाने दौड़ना सुनसान घर घर में कोई नहीं है इसलिए मुझे घर काट खाने को दौड़ रहा है
घर का चिराग गुल होना पुत्र की मृत्यु होना यह सुनकर बड़ा दुःख हुआ कि मेरे मित्र के घर का चिराग गुल हो गया
घर का बोझ उठाना घर का खर्च चलाना या देखभाल करना बचपन में ही अपने पिता के मरने के बाद राकेश घर का बोझ उठा रहा है
घर का नाम डुबोना परिवार या कुल को कलंकित करना रामू ने चोरी के जुर्म में जेल जाकर घर का नाम डुबो दिया
खून सवार होना बहुत क्रोध आना उसके ऊपर खून सवार हैं, आज वह कुछ भी कर सकता हैं
खून-खच्चर होना बहुत मारपीट या झगड़ा होना सुबह-सुबह दोनों भाइयों में खून-खच्चर हो गया
खून पीना शोषण करना सेठ रामलाल जी अपने कर्मचारियों का बहुत खून चूसते हैं
ख्याली पुलाव पकाना असंभव बातें करना अरे भाई! ख्याली पुलाव पकाने से कुछ नहीं होगा, कुछ काम करो
खेल बिगड़ना काम बिगड़ना अगर पिताजी ने साथ नहीं दिया तो हमारा सारा खेल बिगड़ जाएगा
खून ठण्डा होना उत्साह से रहित होना या भयभीत होना आतंकवादियों को देखकर मेरा तो खून ठण्डा पड़ गया
खोटा पैसा अयोग्य पुत्र कभी-कभी खोटा पैसा भी काम आ जाता हैं
खोपड़ी खाना या खोपड़ी चाटना बहुत बातें करके परेशान करना अरे भाई! मेरी खोपड़ी मत खाओ, जाओ यहाँ से
खोपड़ी खाली होना श्रम करके दिमाग का थक जाना उसे पढ़ाकर तो मेरी खोपड़ी खाली हो गई, फिर भी उसे कुछ समझ नहीं आया
खोपड़ी गंजी करना बहुत मारना-पीटना लोगों ने मार-मार कर चोर की खोपड़ी गंजी कर दी
खोपड़ी पर लादना किसी के जिम्मे जबरन काम मढ़ना अधिकतर कर्मचारियों के छुट्टी पर जाने के कारण एक या दो कर्मचारियों की खोपड़ी पर काम लादना पड़ा
खोलकर कहना स्पष्ट कहना मित्र, जो कहना हैं, खोलकर कहो, मुझसे कुछ भी मत छिपाओ
खोज खबर लेना समाचार मिलना मदन के दादा जी घर छोड़कर चले गए बहुत से लोगों ने उनकी खोज खबर ली तो भी उनका पता नहीं चला
खोद-खोद कर पूछना अनेकानेक प्रश्न पूछना खोद-खोद कर पूछना बंद करो, मैं इस तरह के सवालों के जबाब नहीं दूँगा
गले का हार होना बहुत प्यारा लक्ष्मण राम के गले का हर थे
गर्दन पर सवार होना पीछा ना छोड़ना जब देखो, तुम मेरी गर्दन पर सवार रहते हो
गला छूटना पिंड छोड़ना उस कंजूस की दोस्ती टूट ही जाती, तो गला छूटता
गर्दन पर छुरी चलाना नुकसान पहुचाना मुझे पता चल गया कि विरोधियों से मिलकर किस तरह मेरे गले पर छुरी चला रहे थेो
गड़े मुर्दे उखाड़ना दबी हुई बात फिर से उभारना जो हुआ सो हुआ, अब गड़े मुर्दे उखारने से क्या लाभ ?
गागर में सागर भरना एक रंग -ढंग पर न रहना उसका क्या भरोसा वह तो गिरगिट की तरह रंग बदलता है
गुल खिलना नयी बात का भेद खुलना, विचित्र बातें होना सुनते रहिये, देखिये अभी क्या गुल खिलेगा
गिरगिट की तरह रंग बदलना बातें बदलना गिरगिट की तरह रंग बदलने से तुम्हारी कोई इज्जत नहीं करेगा
गाल बजाना डींग हाँकना जो करता है, वही जानता है गाल बजानेवाले क्या जानें ?
गिन-गिनकर पैर रखना सुस्त चलना, हद से ज्यादा सावधानी बरतना माना कि थक गये हो, मगर गिन-गिनकर पैर क्या रख रहे हो ? शाम के पहले घर पहुँचना है या नहीं ?
गुस्सा पीना क्रोध दबाना गुस्सा पीकर रह गया चाचा का वह मुँहलगा न होता, तो उसकी गत बना छोड़ता
गूलर का फूल होना लापता होना वह तो ऐसा गूलर का फूल हो गया है कि उसके बारे में कुछ कहना मुश्किल है
गुदड़ी का लाल गरीब के घर में गुणवान का उत्पत्र होना अपने वंश में प्रेमचन्द सचमुच गुदड़ी के लाल थे
गाँठ में बाँधना खूब याद रखना यह बात गाँठ में बाँध लो, तन्दुरुस्ती रही तो सब रहेगा
गुड़ गोबर करना बनाया काम बिगाड़ना वीरू ने जरा-सा बोलकर सब गुड़-गोबर कर दिया
गुरू घंटाल दुष्टों का नेता या सरदार अरे भाई, मोनू तो गुरू घंटाल है, उससे बचकर रहना
गंगा नहाना अपना कर्तव्य पूरा करके निश्चिन्त होना रमेश अपनी बेटी की शादी करके गंगा नहा गए
गच्चा खाना धोखा खाना रामू गच्चा खा गया, वरना उसका कारोबार चला जाता
गजब ढाना कमाल करना लता मंगेशकर ने तो गायकी में गजब ढा दिया हैं
गज भर की छाती होना अत्यधिक साहसी होना उसकी गज भर की छाती है तभी तो अकेले ने ही चार-चार आतंकवादियों को मार दिया
गढ़ फतह करना कठिन काम करना आई.ए.एस. पास करके शंकर ने सचमुच गढ़ फतह कर लिया
गधा बनाना मूर्ख बनाना अप्रैल फूल डे वाले दिन मैंने रामू को खूब गधा बनाया
गधे को बाप बनाना काम निकालने के लिए मूर्ख की खुशामद करना रामू गधे को बाप बनाना अच्छी तरह जानता हैं
गर्दन ऐंठी रहना घमंड या अकड़ में रहना सरकारी नौकरी लगने के बाद तो उसकी गर्दन ऐंठी ही रहती हैं
गर्दन फँसना झंझट या परेशानी में फँसना उसे रुपया उधार देकर मेरी तो गर्दन फँस गई हैं
गरम होना क्रोधित होना अंजू की दादी जरा-जरा सी बात पर गरम हो जाती हैं
अपने मुँह मियाँ मिट्ठू बनना अपनी बड़ाई आप करना अपने मुँह मियाँ मिट्लू बननेवाले को समाज में इज्जत नहीं मिलती
आँख दिखाना क्रोध से देखना, रोकना, धमकाना गलती भी करते हो और ऊपर से आँखें भी दिखाते हो
आँख का तारा, आँख की पुतली बहुत प्यारा यह बच्चा मेरी आँखों का तारा है
आँख का काजल चुराना सफाई के साथ चोरी करना इतने लोगों के बीच से घड़ी गायब ! चोर ने तो जैसे आँखों का काजल ही चुरा लिया है
आँखों में धूल झोंकना सरे आम धोखा देना परीक्षक की आँखों में धूल झोंककर कुछ विद्यार्थी अच्छे अंक तो पा जाते हैं, परंतु इससे उन्हें जीवन में सफलता नहीं मिलती
आँखों पर चढ़ना पसंद आ जाना तुम्हारी घड़ी चोर की आँखों पर चढ़ गयी थी, इसलिए मौका पाते ही के लिए लोभ होना उसने चुरा ली
आखें फेर लेना पहले जैसा व्यवहार न रखना जब से उसे अफसरी मिली है, उसने माँ बाप, यार दोस्त सबसे आँखें फेर ली है
आँखें बिछाना प्रेम से स्वागत करना तुम्हारी राह में आँखें बिछाये कय से बैठा हूँ तुम जल्द आ जाओ
आँख में पानी न होना जोहना, बेशर्म होना बेईमान लोगों की आँखों में पानी नहीं होता
आँखों में खून उतरना अत्यधिक क्रोध होना जयचंद को देखते ही महाराज पृथ्वीराज की आँखों में खून उतर आया
आँखों में गड़ना पसंद आना तुम्हारी कलम मेरी आँखों में गड़ गयी है, इसे तुम मुझे दे दी
आँखों में चरबी छाना घमंड होना दौलत हाथ में आते ही उसकी आँखों में चरबी छा गयी और वह अपने रिश्तेदारों से बुरा व्यवहार करने लगा
आँखे लाल करना क्रोध से देखना आँखें लाल मत करो, इससे मैं डरनेवाला नहीं
आँखे सेंकना दर्शन का सुख उठाना बहुत से नवयुवक तो मेले ठेले में सिर्फ आँखे सेंकने ही आते हैं
ख़ाक छानना भटकना नौकरी की खोज में वह खाक छानता रहा
खरी-खोटी सुनाना भला-बुरा कहना कितनी खरी-खोटी सुना चुका हुँ, मगर बेकहा माने तब तो ?
खून का प्यासा जानी दुश्मन होना उसकी क्या बात कर रहे हो, वह तो मेरे खून का प्यासा हो गया है
खेत रहना या आना वीरगति पाना पानीपत की तीसरी लड़ाई में इतने मराठे आये कि मराठा-भूमि जवानों से खाली हो गयी
खटाई में पड़ना झमेले में पड़ना, रुक जाना बात तय थी, लेकिन ऐन मौके पर उसके मुकर जाने से सारा काम खटाई में पड़ गया
खटाई में डालना किसी काम को लटकाना उसनेतो मेरा काम खटाई में डाल दिया अब किसी और से कराना पड़ेगा
खाई से निकलकर खंदक में कूदना एक परेशानी या मुसीबत से निकलकर दूसरी में जाना मुझे ज्ञात नहीं था कि मैं खाई से निकलकर खंदक में कूदने जा रहा हूँ
खाक फाँकना मारा-मारा फिरना पहले तो उसने नौकरी छोड़ दी, अब नौकरी की तलाश में खाक फाँक रहा हैं
खाक में मिलना सब कुछ नष्ट हो जाना बाढ़ आने पर उसका सब कुछ खाक में मिल गया
खाना न पचना बेचैन या परेशान होना जब तक श्यामा अपने मन की बात मुझे बताएगी नहीं, उसका खाना नहीं पचेगा
खा-पी डालना खर्च कर डालना उसने अपना पूरा वेतन यार-दोस्तों में खा-पी डाला, अब उधार माँग रहा हैं
चम्पत हो जाना भाग जाना जब काम करने की बारी आई तो राजू चंपत हो गया
चकमे में आना धोखे में पड़ना किशोर किसी के चकमे में आने वाला नहीं है, वह बहुत समझदार है
चकमा देना धोखा देना वह बदमाश मुझे धोखा देकर भाग गया
चक्कर में आना फंदे में फँसना मुझसे गलती हो गई जो मैं उस ठग के चक्कर में फँस गया
चना-चबैना रूखा-सूखा भोजन आजकल रामू चना-चबैना खाकर गुजारा कर रहा हैं
चपत पड़ना हानि अथवा नुकसान होना नया मकान खरीदने में रमेश को 20 हजार की चपत पड़ी
चमक उठना उन्नति करना रामू ने जीवन में बहुत परिश्रम किया है, अब वह चमक उठा है
चमड़ी उधेड़ना या खींचना बहुत पीटना राजू, तुमने दुबारा मुँह खोला तो मैं तुम्हारी चमड़ी उधेड़ दूँगा
चरणों की धूल तुच्छ व्यक्ति हे प्रभु! मैं तो आपके चरणों की धूल हूँ, मुझ पर दया करो
चलता पुर्जा चालाक रवि चलता पुर्जा है, उससे बचकर रहना ही अच्छा है
छींका टूटना अनायास लाभ होना अरे, उसकी तो लॉटरी निकल गई इसे कहते हैं- छींका टूटना
छुट्टी पाना झंझट या अपने कर्तव्य से मुक्ति पाना रामपाल जी अपनी इकलौती बेटी का विवाह करके छुट्टी पा गए
छू हो जाना या छूमंतर हो जाना चले जाना या गायब हो जाना अरे, विकास अभी तो यही था, अभी कहाँ छूमंतर हो गया
छोटा मुँह बड़ी बात हैसियत से अधिक बात करना अध्यापक ने विद्यार्थियों को समझाया कि हमें कभी छोटे मुँह बड़ी बात नहीं करनी चाहिए, वरना पछताना पड़ेगा
छलनी कर डालना शोक-विह्वल कर देना तुम्हारी जली-कटी बातों ने मेरा कलेजा छलनी कर डाला है, अब मुझसे बात मत करो
छाप पड़ना प्रभाव पड़ना प्रोफेसर शर्मा का व्यक्तित्व ही ऐसा है उनकी छाप सब पर जरूर पड़ती है
छी छी करना घृणा प्रकट करना तुम्हारे काले कारनामों के कारण सब लोग तुम्हारे लिए छी छी कर रहे हैं
छेड़छाड़ करना तंग करना छोटे बच्चों के साथ छेड़छाड़ करने में मुझे बहुत मजा आता है
जलती आग में घी डालना क्रोध बढ़ाना बहन ने भाई की शिकायत करके जलती आग में भी डाल दिया
जमीन आसमान एक करना बहुत प्रयास करना मै शहर में अच्छा मकान लेने के लिए जमीन आसमान एक कर दे रहा हूँ परन्तु सफलता नहीं मिल रही है
जान पर खेलना साहसिक कार्य हम जान पर खेलकर भी अपने देश की रक्षा करेंगे
जूती चाटना खुशामद करना, चापलूसी करना संजीव ने अफसरों की जूतियाँ चाटकर ही अपने बेटे की नौकरी लगवाई है
जड़ उखाड़ना पूर्ण नाश करना श्रीकृष्ण ने अपने काल में सभी दुष्टों को जड़ से उखाड़कर फ़ेंक दिया था
जहर उगलना कड़वी बातें कहना या भला-बुरा कहना पता नहीं क्या बात हुई, आज राजू अपने मित्र के खिलाफ जहर उगल रहा था
जान खाना तंग करना अरे भाई! क्यों जान खा रहे हो? तुम्हें देने के लिए मेरे पास एक भी पैसा नहीं है

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