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 विद्युत एवं चुम्बकत्व ( Electricity and Magnetism )

विद्युत एवं चुम्बकत्व ( Electricity and Magnetism ) का अध्धयन

विद्युत आवेश के प्रवाह की दर को विद्युत धारा कहते हैं ।
विद्युत धारा ( I ) = Q / t
मात्रक - विद्युत धारा का मात्रक ( SI ) - एंपियर ( A ) ।
विद्युत आवेश ( Q ) = ( SI मात्रक ) कूलॉम(c) ।
जो लगभग 6 x 1018e में समाए आवेश के तुल्य होता है ।
परिपथो में विद्युत धारा मापने के लिए जिस यंत्र का उपयोग करते हैं, उसे एमीटर कहते हैं ।

ओम का नियम :-

किसी प्रतिरोधक के सिरों के बीच विभवांतर उसमें प्रवाहित विद्युत धारा के अनुक्रमानुपाती होता है परंतु एक शर्त यह है कि प्रतिरोधक का ताप समान रहना चाहिए ।
V ∝ I
V = IR ( R = Constant )
1 ओम = 1 वोल्ट / 1 एम्पियर
बल्ब के तंतुओ को बनाने के लिए टंगस्टन ( गलनांक - 3380° C ) का प्रयोग किया जाता है ।
बल्बों में रासायनिक दृष्टि से अक्रिय नाइट्रोजन व ऑर्गन गैस भरी जाती है ।
फ्यूज तार एक मिश्र धातु से बना होता है जिसका गलनांक उच्च होता है ।
विद्युत ऊर्जा का व्यापारिक मात्रक किलोवाट घंटा ( Kwh ) जिसे सामान्य बोलचाल में यूनिट कहते हैं ।
1 Kwh = 1000 वाट x 3600 सैकंड
3.6 x 106 वाट सैकंड
3.6 x 106 जूल
प्रतिरोध का SI मात्रक ओम ( Ω ) हैं ।

विद्युत परिपथो में सामान्यत: उपयोग होने वाले कुछ अवयवों के प्रतीक :-

अवयव प्रतीक
विधुत सेल
बैटरी
विधुत बल्ब
प्रतिरोधक
एमीटर
वोल्टमीटर


विद्युत धारा के चुंबकीय प्रभाव :-

दिक सूची एक छोटा चुंबक होता है जिसका एक सिरा उत्तर की ओर संकेत करता है उत्तरी ध्रुव कहलाता है दूसरा सिरा दक्षिण की ओर संकेत करता है यह दक्षिण ध्रुव कहलाता है ।
किसी चुंबक के चारों ओर का वह क्षेत्र जिसमें उसके बल का संसूचक किया जा सकता है , उसे चुंबक का चुंबकीय क्षेत्र कहते हैं ।
चुंबक के भीतर चुंबकीय क्षेत्र की रेखाएं दक्षिण धुव्र से उत्तर ध्रुव की ओर होती है ।

फ्लेमिंग का बायां हाथ का नियम :-

कोई विद्युत धारावाही चालक चुंबकीय क्षेत्र में रखे जाने पर बल का अनुभव करता है । यदि चुंबकीय क्षेत्र तथा विद्युत धारा की दिशाएं परस्पर एक दूसरे के लंबवत है, तब चालक पर आरोपित बल की दिशा इन दोनों दिशाओं की लंबवत होती है ।
विद्युत मोटर एक ऐसी युक्ति है , जो विद्युत ऊर्जा को यांत्रिक ऊर्जा में रूपांतरित करती है ।
विद्युत जनित्र यांत्रिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में रूपांतरित करता है ।
यह वैद्युत चुंबकीय प्रेरण के आधार पर कार्य करता है ।
घरों में प्रत्यावर्ती विद्युत धारा काम में लेते हैं जिसकी आवृति 50 HZ है ।

गैल्वेनोमीटर :-

यह ऐसा उपकरण है, जो किसी परिपथ में विद्युत धारा की उपस्थिति संसूचित करता है ।

विद्युत बल रेखाएं :-

विद्युत क्षेत्र में किसी स्वतंत्र धन आवेश के मार्ग को विद्युत बल रेखाएं कहते हैं इस प्रकार विद्युत बल रेखा वह पथ है जिस पर स्थित कोई धन आवेश चलने की प्रवृति रखता है अथवा चलता है ।

विद्युत बल रेखाएं

विद्युत बल रेखाओं के गुण :-

1. विद्युत बल रेखाएं धनावेश से चलती है वह ऋणावेश पर समाप्त होती है ।
2. बल रेखा के किसी बिंदु पर खींची गई
स्पर्श रेखा उस पर बिंदु पर धर्म आवेश पर लगने वाले बल की दिशा प्रदर्शित करता है ।
3. यह रेखाएं अपनी लंबाई के लंबवत दिशा में एक दूसरे से दूर हटने का प्रयत्न करती है इसी कारण समान आवेशों में प्रतिकर्षण होता है ।
4.कोई भी दो बल रेखाएं एक दूसरे को नहीं काट सकती ।

चालक :-

जिन पदार्थों में आवेश का प्रवाह सरलता से हो जाता है उन्हें विद्युत चालक कहते हैं सभी धातुएं ( चांदी , पारा , तांबा , लोहा इत्यादि ) अम्लीय जल , लवणों के जलीय विलियन , जीवो का शरीर एवं पृथ्वी आदि विद्युत के चालक पदार्थ हैं ।

अचानक :-

वह पदार्थ जिनसे होकर आवेश का प्रवाह नहीं हो पाता जैसे - मोम, सूखी लकड़ी , आसुत जल , कांच , चीनी मिट्टी , रबर व अधिकांश अधातुए विद्युत के कुचालक हैं ।

अर्धचालक :-

कुछ पदार्थ है जो सामान्य अवस्था में अचानक होते हैं परंतु कुछ विशेष परिस्थितियों ( जैसे - उच्च ताप या अशुद्धियां मिलाने पर ) चालक जैसा व्यवहार करने लगते हैं जैसे - सिलिकॉन, जरमे, कार्बन , सेलेनियम इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों TV, कंप्यूटर, मोबाइल इत्यादि में प्रयुक्त होने वाले ट्रांजिस्टर अर्धचालक पदार्थों से ही बनाए जाते हैं ।

अतिचालक :-

वह पदार्थ जो निम्न ताप पर अधिक चालक हो जाते हैं उन्हें अतिचालक पदार्थ कहते हैं कारण यह हैं कि निम्न ताप पर इनका विद्युत प्रतिरोध अत्यंत कम हो जाता है और 0 केल्विन पर लगभग 0hm हो जाता है ।

विभवांतर :-

दो बिंदुओं के विभवो में जो अंतर होता है उसे ही उन दोनों बिंदुओं के बीच का विभवांतर कहते हैं इसका मान विद्युत क्षेत्र में एकांक आवेश के एक बिंदु से दूसरे बिंदु तक ले जाने में किये गये कार्य के बराबर होता है जिस प्रकार तरल सदैव उच्च दाब से निम्न दाब की ओर, ऊष्मा उच्च ताप से निम्न आप की ओर बहती है उसी प्रकार धन आवेश भी सदैव उच्च विभव से निम्न विभव की ओर बहता है ।

विद्युत प्रतिरोध :-

विद्युत प्रतिरोध, किसी पदार्थ का एक गुण है जिसके कारण वह धारा के प्रवाह में अवरोध उत्पन्न करता है इसका मान विभांतर व धारा के अनुपात के बराबर होता है यह पदार्थ के चालकता का विरोधी गुण है ।
किसी चालक का प्रतिरोध उसकी लंबाई(l) के अनुक्रमानुपाती तथा उसके अनुप्रस्थ के क्षेत्रफल(A) के व्युत्क्रामानुपाती होता है
अर्थात् R ∝ l / A

प्रतिरोधों की ताप पर निर्भरता :-

1. ताप बढ़ाने से धातुओ की प्रतिरोधकता बढ़ जाती है ।
2. मिश्र धातुओ की प्रतिरोधकता भी ताप बढ़ने पर बढ़ जाती है परंतु शुद्ध धातुओ की अपेक्षा बहुत कम ।
3. अर्धचालकों की विद्युत चालकता अचालकों की अपेक्षा बहुत अधिक तथा सुचालको की अपेक्षा बहुत कम होती है ।

Que. विद्युत चुंबक किस पदार्थ के बनाए जाते हैं ?

नर्म लोहे से विद्युत चुम्बक बनायीं जाती है नर्म लोहे का उपयोग विद्युत घण्टी, ट्रॉसफॉर्मर क्रोड, डायनामो आदि में किया जाता है। स्टील का उपयोग स्थायी चुम्बक बनाने में किया जाता है।

Que. चुंबक के प्रकार :-

चुम्बक दो प्रकार के होते हैं:
(i) प्राकृतिक चुम्बक (Natural Magnet)
(ii) कृत्रिम चुम्बक (Artificial Magnet)

विद्युत एवं चुम्बकत्व से सम्बंधित परीक्षा में पूछे गए महत्वपूर्ण प्रश्न :-

ℚ. विद्युतदर्शी का क्या कार्य है ?
आवेश की उपस्थिति का पता लगाना ।

ℚ. विद्युत आवेश का क्या मात्रक है ?
कूलाम ।

ℚ. आवेश किस प्रकार की राशि है ?
अदिश राशि ।

ℚ. आवेशों के लिए ऋणात्मक एवं धनात्मक पदों का प्रयोग सर्वप्रथम किसने किया था ?
बेंजामिन फ्रैंकलीन ।

ℚ. किस वैज्ञानिक ने तड़ित चालक का आविष्कार किया ?
बेंजामिन फ्रैंकलीन ।

ℚ. तड़ित चालक बनाने के लिए प्राय: किस धातु का प्रयोग किया जाता है ?
तांबा ।

ℚ. इस तकनीक का नाम बताइए जो चालक के आकार में परिवर्तन किये बिना उस पर संचित आवेश की मात्रा को बढ़ाया जा सकता है ?
संधारित्र ।

ℚ. परिपथ में अल्प समय के लिए प्रबल विद्युत धारा प्राप्त करने हेतु प्राय: कौन सी युक्ति का प्रयोग किया जाता है ?
संधारित्र ।

ℚ. विद्युत धारा कौन सी राशि है ?
अदिश राशि ।

ℚ. विद्युत सेल में किस ऊर्जा का रूपांतरण विद्युत ऊर्जा में होता है ?
रासायनिक ऊर्जा का ।

ℚ. जनित्र अथवा डायनेमो में किस ऊर्जा का रूपांतरण विद्युत ऊर्जा में होता है ?
गतिज ऊर्जा ।

ℚ. प्रत्यावर्ती धारा(AC) को दिष्ट धारा(DC) में बदलने के लिए किस उपकरण का प्रयोग करते हैं ?
रेक्टिफायर ।

ℚ. विद्युत परिपथ में विद्युत धारा की उपस्थिति बताने वाले यंत्र को क्या संज्ञा प्रदान करते हैं ?
धारामापी ( गैल्वेनोमीटर ) ।

ℚ. चुंबकीय क्षेत्र की तीव्रता का मात्रक क्या होता है ?
टेस्ला ,एंपीयर / मीटर, गोस ।

ℚ. उपकरणों को किस पदार्थ से घेर कर उन्हें बाह्य चुंबकीय प्रभाव से बचाया जा सकता है ?
रब्बर के शिल्ड से ।

ℚ. उपग्रह संचार हेतु कौन सा विद्युत चुंबकीय विकिरण प्रयुक्त किया जाता है ?
सूक्ष्म रेडियो तरंगे ।

ℚ. घरेलू उपभोक्ताओं को किस वोल्टता की धारा प्राप्त होती है ?
220 वोल्ट की परंतु इसका उच्चतम विभव 311 वोल्ट तक हो सकता है ।

ℚ. ट्रांसफार्मर क्या है ?
यह AC वोल्टेज को घटाने और बढ़ाने में प्रयुक्त होता है ।

ℚ. एक फोटो सेल में प्रकाश ऊर्जा को परिवर्तित किया जाता है ?
विद्युत ऊर्जा में ।

ℚ. हमारे घरेलू विद्युत परिपथ में फ्यूज पिघल जाता है जब भार वृद्धि होती है ?
विद्युत धारा में ।

ℚ. प्रत्यावर्ती धारा ( DC ) को दिष्ट धारा ( AC ) में बदला जाता है ?
दिष्टकारी द्वारा ।

ℚ. सीसा के संचयन वाले सेल में किस अम्ल का प्रयोग होता है ?
सल्फ्यूरिक एसिड ।

ℚ. बिजली के बल्ब के फिलामेंट के निर्माण के लिए टंगस्टन का प्रयोग किया जाता है ? क्योंकि -
इसका गलत बहुत ऊंचा है ।

ℚ. गैलवेनाइजड़ लोहा बनाने के लिए लोहे पर किसका लेप किया जाता है ?
जिंक का ।

ℚ. AC परिपथो में AC मीटर मापते हैं ?
RMS मान ।

ℚ. ट्रांसफार्मर के क्रोड के लिए सर्वोत्तम द्रव्य है ?
नरम लोहा ।

ℚ. तड़ित किसके द्वारा उत्पन्न होती है ?
विद्युत विसर्जन ।

ℚ. इलेक्ट्रॉन वोल्ट किसकी इकाई है ?
ऊर्जा ।

ℚ. किसी अर्धचालक को गर्म करने से उसके प्रतिरोध पर क्या प्रभाव पड़ता है ?
घटता है ।

ℚ. वह आपूर्ति जो कंडेनसर से होकर नहीं गुजर सकती है वह है ?
DC आपूर्ति ।

ℚ. एक चुंबकीय क्षेत्र विक्षेपित करता है ?
अल्फा एवं बीटा कण ।

ℚ. एक आवेशित खोखले गोले के केंद्र पर से विद्युतीय विभव होगा ?
0 ।

ℚ. परमाणु संयंत्र किस सिद्धांत पर काम करता है ?
विखंडन ।

ℚ. अमीटर का प्रतिरोध शंट के प्रतिरोध की अपेक्षा ?
कम होता है ।

ℚ. विद्युत बल्ब का फिलामेंट किस से बना होता है ?
टंगस्टन ।

ℚ. बिजली के बल्ब में क्या भरा होता है ?
ऑर्गन ।

ℚ. यदि किसी चुंबक का तीसरा ध्रुव हो तो तीसरा ध्रुव कहलाता है ?
परिणामी ध्रुव ।

ℚ. ठोस अवस्था में विद्युत धारा प्रवाहित करने वाला पदार्थ कौन सा है ?
सोडियम क्लोराइड ।

ℚ. गैल्वेनोमीटर के द्वारा पता लगाया जाता है ?
विद्युत धारा का ।

ℚ. सेमीकंडक्टर का एक उदाहरण है ?
जर्मेनियम ।

ℚ. हैलोजन लैंप का तंतु किस मिश्र धातु का होता है ?
टंगस्टन एवं सोडियम ।

ℚ. कार्बन , एलुमिनियम , कॉपर , आयरन में से कौनसा विद्युत का सबसे खराब चालक है ?
कार्बन ।

ℚ. द्रव्य में चुंबकत्व का कारण होता है ?
इलेक्ट्रॉनों की वर्तुल गति ।

ℚ. बैटरी के धनात्मक ध्रुव से जोड़े गये इलेक्ट्रोड को क्या कहते हैं ?
एनोड ।

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