रसायन विज्ञान की कुछ मूल अवधारणाएं | Introduction | PDF DOWNLOAD | Part - 1 |

रसायन विज्ञान की कुछ मूल अवधारणाएं

द्रव्य ( पदार्थ ) :- पदार्थ वह होता है जो प्रकृति में स्थान घेरता हों तथा जिसका द्रव्यमान , द्रव्य कहलाता है
उदाहरण :- टेबल , कुर्सी , पत्थर इत्यादि

द्रव्य दो प्रकार के होते हैं -

1. भौतिक वर्गीकरण
2. रासायनिक वर्गीकरण

1. भौतिक वर्गीकरण तीन प्रकार के होते हैं

1. ठोस
2. द्रव
3. गैस

रासायनिक वर्गीकरण दो प्रकार के होते हैं

1. शुद्ध पदार्थ
2. मिश्रण

शुद्ध पदार्थ दो प्रकार के होते हैं

1. तत्व
2. यौगिक

मिश्रण पदार्थ दो प्रकार के होते हैं

1. समांगी मिश्रण
2. विषमांगी मिश्रण

✻ भौतिक वर्गीकरण :- पदार्थ की तीन अवस्थाएं होती है जो निम्न है -

1. ठोस अवस्था :- पदार्थ की व्यवस्था जिसमें अवयवी ( अणु , परमाणु , आयन ) कणों के मध्य अंतर आणविक आकर्षण बल हो, ठोस अवस्था कहलाती है ।
इस आकर्षण के कारण ठोसो के आकार व आयतन निश्चित होते हैं ।
उदाहरण :- लोहा , सोना , चांदी , चांक , पत्थर इत्यादि ।
2. द्रव अवस्था :- पदार्थ की व्यवस्था जिसमें अवयवी ( अणु , परमाणु या आयन ) के मध्य आकर्षण ठोसो की अपेक्षा कम अच्छा दुर्बल होता है, द्रव अवस्था कहलाती है
द्रवो का आयतन निश्चित होता है परंतु आकर अनिश्चित होता है इन्हें जिस पात्र में डालते हैं उसी का आकार ग्रहण कर लेते हैं ।
उदाहरण :- जल , एल्कोहल , पेट्रोल , डीजल इत्यादि ।
3. गैस अवस्था :- पदार्थ की व्यवस्था जिसमें अवयवी कणों अणु , परमाणु या आयन ) के मध्य आकर्षण नगण्य या बहुत कम पाया जाता है गैस अवस्था कहलाती है
उदाहरण :- O2 , N2 , H2 , Cl2 इत्यादि

✻ रासायनिक वर्गीकरण :-

शुद्ध पदार्थ :- शुद्ध पदार्थ वे होते हैं जिन्हें भौतिक या रासायनिक विधि द्वारा किसी अन्य पदार्थ में परिवर्तित नहीं किया जा सकता
यह दो प्रकार के होते हैं -
A. तत्व
B. यौगिक
A. तत्व :- वे पदार्थ जो सामान कणों से मिलकर बने होते हैं तथा इन्हें भौतिक व रासायनिक विधियों द्वारा किसी अन्य पदार्थ में परिवर्तित नहीं किया जा सकता, तत्व कहलाते हैं
उदाहरण :-
धातु = Au, Ag , Cu , Fe ,Na ,Mg , Pt
अधातु = Pu , S8 , O , N , S
B. योगिक :- जब दो या दो से अधिक समान या आसमान तत्व संयोग करके जिस पदार्थ का निर्माण करते हैं उसे योगिक कहते हैं
योगिक में तत्व रासायनिक आकर्षण द्वारा एक निश्चित अनुपात में जुड़े रहते हैं ।
उदाहरण :- H2O एक योगिक है जिसमें H एवं O का अनुपात होता है
CO2 में C एवं O का अनुपात 1 : 2 होता है ।

मिश्रण :- जब दो या दो से अधिक पदार्थों को किसी भी अनुपात में सहयोजन कराया जाता है तो उसे मिश्रण कहते हैं
मिश्रण दो प्रकार के होते हैं -
A. समांगी मिश्रण
B. विषमांगी मिश्रण
A. समांगी मिश्रण :- वह मिश्रण जिसकी प्रावस्था एक हो एवं गुणधर्म समान हो , समांगी मिश्रण कहलाता है
उदाहरण :-
(क) जल + चीनी शरबत
( ख ) जल + नमक = नमक का जलीय विलयन
B. विषमांगी मिश्रण :- वह मिश्रण जिसकी प्रावस्था असमान हो तथा गुणधर्म भी आसमान हो विषमांगी मिश्रण कहलता है
उदाहरण = जल + मिट्टी


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