रासायनिक अभिक्रियाएँ,समीकरण,प्रकार,परिभाषाएँ,लक्षण एवं कार्यविधि

रासायनिक अभिक्रियाएँ,समीकरण,प्रकार,परिभाषाएँ,लक्षण एवं कार्यविधि

रासायनिक अभिक्रिया किसे कहते है ?

वह क्रिया या प्रक्रिया जिसमें दो या दो से अधिक पदार्थ आपस में क्रिया करके नया पदार्थ बनाते है, रासायनिक अभिक्रिया कहलाती है।
Example :- श्वसन, लोहे पर जंग लगना, भोजन का पाचन, दही का बनना आदि

रासायनिक अभिक्रिया के कुछ लक्षण निम्नलिखित हैं -

गैस का उत्सर्जन
ताप में परिवर्तन |
रंग में परिवर्तन
अवस्था मे परिवर्तन
अवक्षेप बनना

गैस का उत्सर्जन ( Emission of gas ) :-

कुछ रासायनिक अभिक्रिया के फलस्वरूप गैस का उत्सर्जन होता है।
Example :-

  • तनु हैड्रोक्लोरिक अम्ल में दानेदार जस्ता डालने पे दोनों के बीच अभिक्रिया के फलस्वरूप हाइड्रोजन गैस का उत्सर्जन होता है।
  • परखनली में रखे सोडियम क्लोराइड में तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल लड़ने पर कार्बोन डाइऑक्साइड गैस उतपन्न होता है।

ताप में परिवर्तन :-

कुछ ऐसे व रासायनिक अभिक्रिया है जिनके फलस्वरूप ताप में परिवर्तन होता है। उदाहरण के लिए जब हम काली चूना पत्थर को जल में डाले तो ऊष्मा उत्पन्न होती है और अभिकारको क मिश्रण का ताप बहुत बढ़ जाता है ।
इस तरह ताप में बदलाव के कारण अभिक्रिया में अपना दो मुख्य भूमिका प्रस्तुत करता है।

ऊष्माक्षेपी ( exothermic ) - जिस रासायनिक अभिक्रिया के फलस्वरूप ताप की उतपति होती है उसे उष्माक्षेपी अभिक्रिया कहलाती है।
उष्मशोषी ( endothermic ) - जिस रासायनिक अभिक्रिया के परिणामस्वरूप ताप घाट जाती है। ऐसे अभोक्रिया को उष्मशोषी अभिक्रिया कहते है।

Example :- अमोनियम क्लोराइड में बेरियम हाइड्रऑक्साइड के विलयन को मिलने पर प्रतिफल के रूप में अमोनिया और जल का निर्माण होता है और इसके परिणामस्वरूप अभिक्रियाई मिश्रण का ताप घट जाता हैं।

रंग में परिवर्तन :-

कुछ ऐसे व रासायनिक अभिक्रियाएँ है जिनके परिणामतः पदार्थो के रंग में परिवर्तन देखा जा सकता है।
Example :-

निम्बू के रस को बैगनी रंग वाले पोटैशियम परमैगनेट के जलिये विलयन में मिलाये जाने पर बैगनी रंग धीरे धीरे गायब हो जाता हैं ।
नारंगी रंग वाले पोटैशियम डाईक्रोमेट के अम्लीय विलयन में सल्फरडाइऑक्साइड गैस पास कराने पे विलयन का रंग हरा हो जाता है।

अवस्था मे परिवर्तन :-

रासायनिक अभिक्रिया के परिणास्वरूप कुछ पदार्थो का अवस्थाओ में वी परिवर्तन होती है।
Example :-
मोमबती को जलने पर उसका कुछ भाग पिघल कर द्रव में परिवर्तित होती है और मोमबती कुछ भाग वाष्पित होजाता है परिणामतः मोमबती जालने पर अपनी अवस्था को गैस औए द्रव में परिवर्तित करता है। जहाँ गैस, कार्बोन डॉईऑक्सीड और द्रव जल है।

अवक्षेप बनना :-

रासायनिक अभिक्रियाओं के फलस्वरूप विलयन में बननेवाले ठोस पदार्थ को अवक्षेप कहते है।
Example :-
(i) सोडियम क्लोराइड के जलिये विलयन में silver नाइट्रेट के विलयन डालने पर विलयन के निचले हिशे में सॉल्वर क्लोराइड का थक्का (अवक्षेप) प्राप्त होता है।
NaCl (aq) + AgNO3 (aq) → AgCl (s) ↓ + NaNO 3 (aq)
(ii) जब बेरियम क्लोराइड के जलिये विलयन को सल्फ्यूरिक अम्ल से अभिक्रिया करायी जाती है तो बेरियम सलफेट का सफेद थक्का पर्याप्त होता है।
BaCl2 (aq) + H2SO4 → BaSO4 (s) + 2HCl

अभिकारक किसे कहते है ?

वे पदार्थ जो किसी रासायनिक अभिक्रिया में हिस्सा लेते हैं उन्हें अभिकारक कहते हैं

उत्पाद किसे कहते है ?

वे पदार्थ जिनका निर्माण रासायनिक अभिक्रिया में होता है उन्हें उत्पाद कहते हैं

रासायनिक अभिक्रिया की कार्यविधि ( Procedure of chemical reaction ) :-

रासायनिक अभिक्रिया में सर्वप्रथम अभिकारक अणु टूटकर परमाणुओं में बदलते है, पुनः ये परमाणु ही आपस में संगठित हो कर प्रतिफल का निर्माण करते है। इन क्रियाओ में अभिकारक अणु के परमाणुओ के बीच बानी बंधन टूटती है और अभिक्रिया के फलस्वरूप ये पुनः नए बंधन बनते है जो प्रतिफल अणुओ का निर्माण करते है।

रासायनिक समीकरण किसे कहते है ?

किसी रासायनिक अभिक्रिया का समीकरण के रूप में प्रतीकात्मक निरूपण रासायनिक समीकरण कहलाता है।
रासायनिक समीकरण में तत्वों के प्रतिको का इस्तेमाल किया जाता है साथ ही अभिकारक और उत्पादों के रसायनिक सूत्र को उनकी भौतिक अवस्था के साथ लिखते हैं
रसायनिक अभिक्रिया में आवश्यक परिस्थितियां जैसे ताप दाब उत्प्रेरक आदि को तीर के निशान के ऊपर या नीचे दर्शाया जाता है

रासायनिक अभिक्रिया के प्रकार

रासायनिक अभिक्रिया चार भागों में बांटा जाता है-

संयोजन अभिक्रिया (Addition Reaction)

दो या दो से अधिक अभिकारक मिलकर एकल उत्पाद का निर्माण करते हैं। संयोजन या संयुग्मन अभिक्रिया कहलाती है।
A+ B → AB
Mg +Cl2 → MgCl2
N2 + 2H3 → 2NH3
C + O2 → CO2
2Cu + O2 → 2Cuo

वियोजन या अपघटन अभिक्रिया (Dissociation Reaction)

वह अभिक्रिया जिसमें एक अभिकारक टूट कर दो या दो से अधिक उत्पाद का निर्माण करता है।
AB → A + B
वियोजन या अपघटन अभिक्रिया कहलाती है। यह तीन प्रकार की होती है-

ऊष्मीय अपघटन या ऊष्मीय वियोजन (Thermal Dissociation)

ऐसी अभिक्रिया जिसमें उष्मा प्रदान करके अभिकारकों को उत्पाद में तोड़ा जाता है, ऊष्मीय वियोजन अभिक्रिया कहलाती है।
CaCO3 → CaO + O2 (गर्म करने पर)
2Pb(NO3)2 → 2PbO + 4NO2 + O2

प्रकाशिक अपघटन या प्रकाशीय वियोजन (Photolytic Dissociation )

ऐसी अभिक्रिया जिनमें अभिकारकों को सूर्य के प्रकाश में रखने पर यह उत्पाद में टूट जाते हैं, प्रकाशीय वियोजन कहलाती हैं।
2AgBr → 2Ag + Br2
2AgCl → 2Ag + Cl2

विद्युत अपघटन या विद्युत वियोजन (Electric Dissociation)

ऐसी अभिक्रिया विद्युत धारा प्रवाहित करने पर अभिकारक उत्पाद में टूट जाते हैं।
2H2O → 2H2 + O2

विस्थापन अभिक्रिया (Displacement Reaction)

ऐसी अभिक्रिया जिनमें अधिक क्रियाशील तत्व कम क्रियाशील तत्व का स्थान ले लेता है, विस्थापन अभिक्रिया कहलाती है।
Ax + B → Bx + A
2HCl + 2K → 2KCl+ H2
6HCl + 2Al → 2AlCl3 + 3H2
2HCl +2Na → 2NaCl + H2
2HCl + Ca → CaCl2 + H2

द्विविस्थापन अभिक्रिया (Double Displacement)

ऐसी अभिक्रिया जिनमें आयनों का आदान-प्रदान होता है, द्विविस्थापन अभिक्रिया कहलाती है।
Ax + By → Bx Ay
2HCl + K2O → 2KCl+ H2O
6HCl + 2Al(OH)3 → 2AlCl3 + 6H2O
2HCl +Na2O → 2NaCl + H2O
2HCl + CaO → CaCl2 + H2O
अभिक्रिया की गति के आधार पर रासायनिक अभिक्रियाओं को दो भागों में बांटा जाता है

मंद अभिक्रिया (Slow Reaction)

ऐसी अभिक्रिया जिसको संपन्न होने में कई वर्ष, महीनों या दिन लग जाते हैं, मंद अभिक्रिया कहलाती है।
जैसे लोहे के जंग लगना
Fe + O2 + H2O → Fe2O3.3H2O

तीव्र अभिक्रिया (Fast Reaction)

ऐसी अभिक्रिया जो कुछ ही सेकंड में संपन्न हो जाती है।
NaOH + HCl → NaCl + H2O

अर्द्ध आयुकाल (Haft Time)

वह समय जिसमें अभिकारकों की आधी मात्रा उत्पाद में बदल जाती है, अर्द्ध आयु काल कहलाती है। जैसे प्रकाश सश्लेष्ण के लिए इसका मान 10-12SEC होता है।
अभिक्रिया की दिशा के आधार पर रासायनिक अभिक्रिया के प्रकार की होती है-
उत्क्रमणीय अभिक्रिया
अनुत्क्रमणीय अभिक्रिया

उत्क्रमणीय अभिक्रिया (Reversible Reaction)

ऐसी अभिक्रिया जो दोनों दिशाओं में संपन्न होती है, अर्थात इनमें अभिकारक से उत्पाद बनते हैं और उत्पाद पुनः अभिकारक का निर्माण कर लेते हैं। यह साम्याव्यवस्था पर सम्मान रूप से चलती है।
N2 + 3H2 ⇌ 2NH3

अनुत्क्रमणीय अभिक्रिया (Irreversible Reaction)

ऐसी अभिक्रिया एक दिशा में ही संपन्न होती है अर्थात अभिकारक उत्पाद बनाते हैं, परंतु उत्पाद पुनः अभिकारकों में परिवर्तित नहीं होते।
ऊष्मा के निष्कासन या अवशोषण के आधार पर अभिक्रिया दो प्रकार की होती है-
ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया
ऊष्माशोषी अभिक्रिया

ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया (Exothermic Reaction)

ऐसी अभिक्रिया जिसके दौरान ऊष्मा का निष्कासन होता है ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया कहलाती है।
C + O2 → CO2 + ऊष्मा
C6H12O6 + 6O2 → 6CO2 + 6H2O + ऊर्जा

ऊष्माशोषी अभिक्रिया (Endothermic Reaction)

ऐसी अभिक्रिया जिसके दौरान ऊष्मा का अवशोषण किया जाता है, ऊष्माशोषी अभिक्रिया कहलाती है।
2HBr → H2 + Br2

ऑक्सीकरण एवं अपचयन ऑक्सीकरण (Oxidation and Reduction Reaction)

अपचयन अभिक्रियाँ

यह निम्न स्थितियों में होती है-

ऑक्सीजन का निष्कासन होता है।

H2O + C → CO + H2
CuO + C → Cu + CO
Al + Fe2O3 → Fe+ Al2O3
2CO + O2 → 2CO2

इलेक्ट्रॉन का योग होता है।

Cl + e→ Cl
N + 3e → N3-

धन विद्युतीय तत्व का योग होता है।

2FeCl3 + H2 → 2FeCl2 + 2HCl

हाइड्रोजन का योग होता है। C2H4 + H2 → C2H6

ऋण विद्युतीय तत्व का निष्कासन होता है।

CuCl2 + Cu → Cu2Cl2

ऑक्सीकरण अभिक्रियाँ

यह निम्न स्थितियों में होती है-

ऑक्सीजन का योग होता है।

2CO + O2 → 2CO2
Cu + O2 → 2CuO
2H2 + O2 → 2H2O
2Mg + O2 → 2MgO
S + O2 → SO2
N2 + O2 → 2NO
CH4 + 2O2 → CO2 + 2H2O
Na2SO3 + H2O2 → Na2SO4 + H2O
2PbO2 → 2PbO + O2

हाइड्रोजन का निष्कासन होता है।

H2S + Cl2 → 2HCl + S
CH4 + 2O2 → CO2 + 2H2O
4HI + MnO2 → MnCl2 + 2H2O + Cl2
CH3OH → CH2O + H2
CO + H2 → CH3OH
4HI + O2 → 2H2O + 2I2

धन विद्युत की तत्व का निष्कासन होता है।

2Fe + 3F2 → 2FeF3
Fe+ S → FeS
SnCl2 + Cl2 → SnCl4

ऋण विद्युतीय तत्व का योग होता है।

2KI + Cl2 → 2KCl + I2

इलेक्ट्रॉन का निष्कासन होता है।

Mg → Mg2+ + 2e
Na → Na+ + e
Ca → Ca2+ + 2e

रेडोक्स अभिक्रियाँ (Redox Reaction)

अभिक्रिया में ऑक्सीकरण तथा अपचयन दोनों साथ-साथ होता है, तो इसे रेडोक्स अभिक्रियाँ कहते है।

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