हमारे दैनिक जीवन में गैसें ( Gases in our daily lifes )

गौबर (बायो गैस) :-

जीवों के अवशिष्ट एवं पौधों के मृत अवशेषों पर सूक्ष्म जीवों की क्रिया द्वारा निर्मित गैस गोबर गैस कहलाती है। (किण्वन क्रिया द्वारा)
इस प्रमुख घटक-मेथेन (CH4 ) 60%-I कार्बन-डाई ऑक्साइड (CO2)-II (10%) नाइट्रोजन हाइड्रोजन NH3 (Ammonia) ऑक्सीजन इत्यादि।
गौबर गैस (Bio Gas) ऊर्जा का नवीनकरणीय स्रोत है।


कोयले की खानों में विस्फोट उत्पन्न करने वाली गैस :-

(मेथेन (CH4)+ वायु) -सुरक्षा हेतु सेफ्टी लैम्प लगाते हैं ।


मार्श (Marsh) गैस :-

मेथेन (दलदल भूमि से निष्कासित गैस)।


क्लेथरेट में पायी जाने वाली गैस :-

समुद्र की तलहटी में जल के अणुओं के मध्य फँसी मेथेन गैस हैं । अतः सतह तक यह बूंदो (बुलबुलो) के रूप में निकलती रहती हैं।
अम्लीय वर्षा (Acidic Rain) उद्योगों ऐवं तेल शोधन कम्पनियों से निकलने वाले धुएं में सल्फर डाई ऑक्साइड एवं नाइट्रोजन डाई ऑक्साइड होती है जो ऊपर जाकर जलवाष्प से क्रिया कर अम्ल का निर्माण करती है।

हानियाँ :-

(1) Stone Leprosy (बहुमूल्य इमारतों, ताजमहल की दीवारों का काला होना) की
(2) मृदा की pH घटने से फसलों को हानि
(3) कई जीवों एवं वनस्पति को सीधा नुकसान।
(4) नदियों एवं झीलों के पानी का प्रदूषण जिससे उनका पारिस्थितिक संतुलन प्रभावित होगा।
नोट :- क्लोरीन एवं CO2 , Acidic Rain हेतु उत्तरदायी ।


कोलगैस :-

CO+ H2+ CH4 (कार्बन मोनो ऑक्साइड, हाइड्रोजन, मेथेन) ।
इसका प्रयोग प्रयोगशाला में बुन्सन बर्नर में।


भाप अंगार गैस/ जल गैस (Water Gas) :-

रक्त तप्त कोक पर पानी की वाष्प प्रवाहित करने पर बनती है।
इसका उपयोग मेथिल एल्कोहॉल एवं आमेनिया गैस के उत्पादन में करते हैं।


वायु अंगार गैस/ प्रोड्यूसर गैस/ उत्पादक गैस :-

कोक (C) + H2O -[ CO + H2 ]
Carbon mono oxide (CO+ N2) - Nitrogen
इसका प्रयोग धातुओं के निष्कर्षण एवं कांच के उत्पादन में करते हैं क्योंकि यह गैस जलने पर तीव्र ताप उत्पन्न करती है।


कृत्रिम श्वसन :-

(ऑक्सीजन+ हीलियम) का प्रयोग करते हैं ।


द्रव Nitrogen (N2) :-

Dance-Floor पर धुएं का निर्माण, सांड (बैल) के वीर्य को सुरक्षित रखने में, पुनर्जीवित हेतु रखे जीवों को सुरक्षित रखने में ।
द्रव H2 ( -253°C) एवं द्रव H2 -253°C) एवं O, (-183°C) द्रव का प्रयोग रॉकेट, मिसाइलों (Inter-continental), बडे उद्योगों में भारी मशीनो के संचालन में क्रायोजेनिक ईंधन के रूप में।


ऑक्सीजन :-

वस्तुओं के जलने में सहायक, प्रत्येक सजीव (पादप + जन्तु) श्वसन में ।
कार्बन डाई ऑक्साइड :- आग बुझाने में, प्रकाश संश्लेषण हेतु ।

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