ऊष्मा ऊर्जा अभिक्रिया व प्रकाश रासायनिक अभिक्रिया में अन्तर

ऊष्मा ऊर्जा अभिक्रिया व प्रकाश रासायनिक अभिक्रिया में अन्तर के बारे जानकारी दी गयी हैं :-


ऊष्मा ऊर्जा अभिक्रिया व प्रकाश रासायनिक अभिक्रिया में अन्तर :-

ऊष्मा ऊर्जा अभिक्रिया (Thermal Reactions) प्रकाश रासायनिक अभिक्रिया (Photo-Chemical Reactions)
इनमें ऊर्जा का अवशोषण या उत्सर्जन होता है । इनमें दृश्य या पराबैंगनी क्षेत्र में प्रकाश विकिरण या फोटान का अवशोषण होता है ।
ये अंधेरे या अदिप्त (Dark) में भी हो सकती है । इनका प्रकाश की उपस्थिति में ही होना सम्भव है ।
इसमें अभिक्रिया की दर ताप द्वारा प्रभावित होती है तथा ताप गुणांक अधिक होता है। ये अभिकारक की सान्द्रता व उत्प्रेरक से प्रभावित होती है । इनमें अभिक्रिया की दर ताप से लगभग अप्रभावित होती है लेकिन ये प्रकाश तीव्रता पर निर्भर करती | है। इनका ताप गुणांक बहुत ही कम होता है ।
इनमें मुक्त ऊर्जा में परिवर्तन ऋणात्मक होता है। अर्थात् मुक्त ऊर्जा में अवश्यमेव कमी होती है। अतः ऊष्मा अभिक्रिया स्वतः प्रवर्तित (spontaneous) है । मुक्त ऊर्जा ऋणात्मक नहीं होता है अर्थात मुक्त ऊर्जा में वृद्धि होती है क्योंकि अणु विकिरणों को अवशोषित कर उत्तेजित अवस्था ग्रहण करता है। जबकि प्रकाश रासायनिक अभिक्रिया स्वतः परिवर्तित नहीं (nonspontaneous) है ।
ये उत्प्रेरक की उपस्थिति में त्वरित किए जा सकते हैं। ये कुछ प्रकाश संवेदक (Photosen-sitizer) को उपस्थिति में प्रारम्भ किए जा सकते हैं तथा ये उत्प्रेरक की तरह कार्य नहीं करते।
ये प्रकृति में सरल होते हैं। ये प्रकृति में जटिल होते हैं।
ऊष्मा रासायनिक सक्रियण सामान्यत: चयनित (selective) नहीं होते । जबकि ये चयनित (selective) होते हैं ! अर्थात् विशेष प्रकार के विकिरण अवशोषित कर विशेष बन्ध या समूह को उत्तेजित करते हैं ।
इसमें ऊर्जा की आवश्यकता 104 से 105 कैलोरी प्रति मोल के परास में होती है । जबकि इसमें विकिरण ऊर्जा तरंगदैर्ध्य (200 num से 800 nm) अर्थात् 23 से 230 कि कैलोरी प्रति मोल है ।

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