भाग 20 [ संविधान संशोधन ( अनुच्छेद - 368 ) ]

भाग 20 [ संविधान संशोधन ( अनुच्छेद - 368 ) ]

महत्वपूर्ण संविधान संशोधन :-

1 संविधान संशोधन 1951 :-

अनुसूची 9 को जोड़ा गया तथा भूमि सुधार के कानून को जोड़ा गया ।


10 संविधान संशोधन 1961 :-

दादर और नगर हवेली को भारत का अभिन्न अंग बनाकर केंद्र शासित क्षेत्र में जोड़ा गया ।


12 संविधान संशोधन 1962 :-

गोवा का दमनदीव को भारत संघ में जोड़ा गया ।


14 संविधान संशोधन 1962 :-

पांडिचेरी को भारत का अभिन्न अंग बनाया गया ।


31 संविधान संशोधन 1973 :-

लोकसभा को सीटों को 525 से बढ़ाकर 545 कर दिया गया ।


35 संविधान संशोधन 1974 :-

सिक्किम को भारत संघ में जोड़ा गया और इसे असम का सहराज्य बनाया गया ।


36 संविधान संशोधन 1975 :-

सिक्किम को भारत का 22 वा राज्य घोषित किया गया ।


39 संविधान संशोधन 1975 :-

राष्ट्रपति , उपराष्ट्रपति , लोकसभा अध्यक्ष तथा प्रधानमंत्री के निर्वाचन को न्यायालय में चुनौती नहीं दी जा सकती ।


42 संविधान संशोधन 1976 :-

यह भारतीय संविधान का सबसे बड़ा संविधान संशोधन था इसलिए इसे mini Constitution भी कहा जाता है ।
इसके तहत समाजवादी , पंथनिरपेक्ष तथा अखंडता शब्द को भारतीय संविधान की प्रस्तावना में जोड़ा गया ।
भाग - 4(A) को अनुच्छेद - 51(A) के साथ मौलिक कर्तव्य में जोड़ा गया ।
संविधान संशोधनों को न्यायालय में चुनौती नहीं दी जा सकती ।
राष्ट्रपति को उसकी मंत्रिपरिषद की सलाह मानने के लिए बाध्य किया गया ।
राज्य सूची से समवर्ती सूची में 5 विषय - तौल तथा माप , शिक्षा ,परिवार नियोजन तथा जनसंख्या नियंत्रण , वन एवं वन्य जीव संरक्षण को जोड़ा गया ।


44 संविधान संशोधन 1978 :-

प्रेस की स्वतंत्रता को मौलिक अधिकारों में जोड़ा गया ।
राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा करने से पहले राष्ट्रपति को उसके मंत्रिपरिषद से सलाह लेने के लिए बाध्य किया गया ।


52 संविधान संशोधन 1985 :-

अनुसूची 10 को जोड़ा गया तथा दलबदल पर रोक का कानून पारित किया गया ।


53 संविधान संशोधन 1986 :-

मिजोरम को भारत संघ का 23 वा राज्य बनाया गया ।


55 संविधान संशोधन 1986 :-

अरुणाचल प्रदेश को भारत संघ का 24 वा राज्य बनाया गया ।


56 संविधान संशोधन 1987 :-

गोवा को भारत संघ का 25 वा राज्य बनाया गया ।


61 संविधान संशोधन 1989 :-

वयस्क मताधिकार की न्यूनतम आयु को 21 वर्ष से घटाकर 18 वर्ष किया गया ।


69 संविधान संशोधन 1991 :-

दिल्ली को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र ( NCT ) का दर्जा दिया गया ।
दिल्ली के लिए 70 सदस्यीय विधानसभा तथा पांडिचेरी के लिए 30 सदस्यीय विधानसभा का प्रावधान किया गया है ।


70 संविधान संशोधन 1992 :-

राष्ट्रपति के निर्वाचन मंडल में दिल्ली और पांडिचेरी विधानसभा के निर्वाचित सदस्यों को भी जोड़ा गया ।


73 संविधान संशोधन 1992 :-

अनुसूची 11 को जोड़ा गया तथा भाग 9 के तहत संविधान में पंचायती राज को संवैधानिक दर्जा प्राप्त हुआ जिसका प्रावधान अनुच्छेद 243(A-O) तक किया गया है ।


74 संविधान संशोधन 1992 :-

अनुसूची 12 को जोड़ा गया तथा भाग 9(A) के तहत नगर पालिकाओं को भी संवैधानिक दर्जा प्राप्त हुआ , इसे संविधान के अनुच्छेद 243(P - Z) तक रखा गया है ।


85 संविधान संशोधन 2002 :-

पदोन्नति में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति को आरक्षण का प्रावधान ।


86 संविधान संशोधन 2002 :-

6 से 14 वर्ष तक के बच्चों को निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का प्रावधान ।


87 संविधान संशोधन 2003 :-

2001 की जनगणना को परिसीमन का आधार बनाया गया ।


88 संविधान संशोधन 2003 :-

भारत में सेवा कर लागू किया गया ।


91 संविधान संशोधन 2003 :-

केंद्र एवं राज्य सरकार के अधीन मंत्रियों की संख्या अधिकतम 15% निर्धारित की गई ।


92 संविधान संशोधन 2003 :-

संविधान में 4 भाषाओं मैथिली, बोडो, डोंगरी और संथाली को जोड़ा गया ।


96 संविधान संशोधन 2011 :-

उड़िया भाषा का नाम बदलकर ओड़िया कर दिया गया ।


100 संविधान संशोधन 2015 :-

भारत और बांग्लादेश के बीच भूमि- सीमा समझौता ( L.B.A. ) ।


101 संविधान संशोधन 2017 :-

GST ( Good and Service tax ) को लागू किया गया ।


102 संविधान संशोधन 2018 :-

अनुच्छेद 338(B) को जोड़ा गया जिसके तहत पिछड़े वर्गो के लिए एक राष्ट्रीय आयोग का प्रावधान किया गया ।


103 संविधान संशोधन 2019 :-

10% आरक्षण for EWS ।


104 संविधान संशोधन 2020 :-

SC / ST को पदों पर आरक्षण के प्रावधान की अवधि को 10 वर्ष और बढ़ाकर 70 से 80 वर्ष तक कर दिया गया ।


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